जाट आरक्षण के धरने को दूसरे दिन खापों के अलावा कुछ अन्य जातियों के लोगों ने समर्थन दिया। समर्थन देने वालों का जाट नेताओं ने आभार जताते हुए कहा कि छत्तीस बिरादरी के सहयोग से धरने को चलाएंगे। सोमवार को दूसरे दिन भी रामायण रेलवे ट्रैक के करीब जाटों का शांतिपूर्वक धरना जारी रहा।
उकलाना नगर पालिका के पूर्व प्रधान धानक समाज के समीर इंदौरा धरने को समर्थन देने के लिए धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि जाट अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। यह अकेले जाट कौम की लड़ाई नहीं है। आर्थिक तौर पर जाट समाज पिछड़ चुका है। कांग्रेस ने इसी आधार पर जाट समाज को आरक्षण दिया था। भाजपा ने उचित पैरवी नहीं की जिस कारण जाट समाज का आरक्षण रद्द हुआ।
कापडो गांव से पहुंचे ब्राह्मण समाज के न्यौंदाराम शर्मा ने समर्थन देते हुए कहा कि जाट समाज को आरक्षण मिलना चाहिए। किसी भी समाज को अपनी मांग के लिए धरना देने का हक है। शांतिपूर्वक दिए जा रहे धरने का हम समर्थन करते हैं। तैली समाज के प्रतिनिधि सत्यवान कापडो भी धरना स्थल पर समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि जाट समाज को उनका हक मिलना चाहिए। प्रदेश सरकार को अपना वादा पूरा करना चाहिए। सर्वखाप पंचायत की ओर से महम चौबीसी के निवासी संगठन सचिव बलवंत आर्य अपना समर्थन लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जाटों की सभी मांग जायज हैं। सरकार इन मांगों को पूरा करे।
धरने को समर्थन देने पहुंचे काजला खाप के अध्यक्ष राजमल काजल ने कहा कि उनकी खाप ने धरने को समर्थन दिया है। शांतिपूर्वक तरीके से धरना चलाया जाना चाहिए। फरवरी 2016 में जो सहमति सरकार के साथ बनी थी उन मांगों को सरकार पूरा करे। पूर्व चेयरमैन अजित लितानी ने धरना स्थल पर अपना समर्थन देने के बाद कहा कि प्रजातंत्र में हाजिरी सबसे बड़ी चीज है। जिनके पास संख्या बल होता है सरकार उनकी बात सुनती है। धरने पर महिलाओं की संख्या को बढ़ाया जाए।
सभी बिरादरी को साथ लेकर चलेंगे
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा ने कहा कि छत्तीस बिरादरी के लोगों के सहयोग से धरना चलाएंगे। जाट समाज के लोग हर बिरादरी के लोगों के सुख दुख में काम आते हैं। उनकी हर मांग में उनका साथ देते हैं। कुछ लोगों ने भाईचारा खराब करने का प्रयास किया था। हम अपने भाईचारे को कायम रखेंगे। कई संगठनों, जातियों, समुदायों, खापों ने समर्थन का एलान किया है। समाज के लोग समर्थन देने वालों के आभारी हैं। अकेले जाट कौम को इसका फायदा नहीं होगा। छह जातियों के आरक्षण का मुद्दा है। किसी भी जाति को इससे नुकसान नहीं होगा।
जाट बाहुल्य गांवों में पुलिस ने किया फ्लैग मार्च
जाट आरक्षण को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है। जाट बाहुल्य गांवों में पुलिस ने सोमवार को लाव लश्कर के साथ फ्लैग मार्च किया। पुलिस की एक टुकड़ी अधिकारियों के साथ सुबह गांवों में निकली। कई किलोमीटर लंबा यह फ्लैग मार्च दोपहर बाद तक चलता रहा। इसके अलावा सदर थाना एसएचओ प्रहलाद सिंह ने मंगाली व बालसमंद में पंच सरपंचों व गणमान्य लोगों के साथ मीटिंग की। एसएचओ ने लोगों को शांतिप्रिय माहौल बनाए रखने के लिए अपील की। पुलिस ने गणमान्य लोगों की आरक्षण संबंधित ड्यूटियां लगाई है ताकि किसी तरह की अशांति न फैले।
इन गांवों में किया फ्लैग मार्च
पुलिस ने गांव रायपुर, धांसू, खरड़ अलीपुर, शिकारपुर, मय्यड़, भगाणा, लाडवा, डाबड़ा, मिरकां, मंगाली, कालवास, चौधरीवास व बालसमंद में फ्लैग मार्च किया। प्रशासन मंगलवार को भी इस तरह से और गांवों में भी फ्लैग मार्च कर सकती है।
सदर थाना से 11 लोगों को भेजे जा चुके हैं नोटिस
पुलिस ने बताया कि अभी तक सदर थाना एरिया से 11 जाट नेताओं को नोटिस भेजे जा चुके हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस मामले में अगर किसी अन्य के नाम सामने आते हैं तो उन्हें भी नोटिस भेजे जाएंगे। प्रशासन ने अपील की है कि असंवैधानिक तरीके से किसी तरह का आंदोलन ठीक नहीं।