रामायण ट्रैक के पास 29 वें दिन काला दिवस मनाने के एलान पर 7-8 हजार की संख्या में पहुंचे आंदोलनकारियों में से कुछ युवा प्रदर्शनकारियों ने हिसार भिवानी रेलवे ट्रैक को दोपहर 1 बजे 40 मिनट तक रोक दिया। धरने पर पहुंचने के लिए जब युवा फाटक के पास पहुंचे तो फाटक बंद मिला। इन युवाओं ने फाटक के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। फाटक लचक गया। जोश में आकर युवाओं ने फाटक तोड़ डाला और रेलवे ट्रैक पर आकर नारे लगाने शुरू कर दिए। ट्रैक पर सामने से आ रही माल गाड़ी (तेल टैंकर वाली गाड़ी) को इमरजेंसी रेड सिग्नल देना पड़ा। रामायण ट्रैक से आ रही इस ट्रेन को मय्यड़ व रामायण के बीच रोक दिया गया। हालात बेकाबू होते देख एहतियात के तौर पर तेल टैंकर वाली गाड़ी को वापस सातरोड भेजा दिया गया।
ट्रेन गुजारने के बाद ली राहत की सांस
ट्रैक जाम की सूचना पर प्रशासन व समिति के हाथ पांव फूल गए। समिति के जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा ने मंच से एलान किया कि राजेश सुल्तानपुरिया माहौल खराब कर रहे हैं। ये सरकार के भेजे हुए लोग हैं। सातबास खाप को भी कहा कि अपने एरिया के इस सदस्य को काबू में करो। कुछ जाट नेता जिनमें रामभगत मलिक, झाबर सिंह किरमारा सहित लोग युवाओं को समझाने के लिए ट्रैक पर पहुंचे। उधर से डीसी निखिल गजराज, एसपी राजेंद्र कुमार मीणा पूरे अमले के साथ ट्रैक पर ठीक 1 बजकर 45 मिनट पर पहुंच गए। हालांकि उनके आने से ठीक पहले एसडीएम अशोक बंसल व जाट नेताओं के सहयोग से युवाओं को ट्रैक से खदेड़ दिया गया। किसी जाट नेताओं ने कसम देकर, किसी ने हाथ जोड़कर तो किसी ने धमका कर युवाओं को वहां से हटाया। कुछ नकाबपोश युवक स्थिति भांपकर वहां से खिसक गए।
रेलवे अधिकारी के कारण भी बढ़ा विवाद
रेलवे के एक अधिकारी के कारण भी माहौल बिगड़ा। अधिकारी बार बार खुद ट्रैक पर आ रहा था। युवाओं को हटाते समय जाट नेताओं ने उसे भी हटाने की कोशिश की। बार बार कान पर फोन लगाकर वह बीच ट्रैक पर खड़ा हो जाता। पुलिस प्रशासन को जाट नेताओं ने कहा कि ये कौन अधिकारी है जो माहौल खुद खराब कर रहा है इसे यहां से हटा लो वरना माहौल और बिगड़ जाएगा तो हमारी जिम्मेवारी नहीं होगी। पुलिस ने उस रेलवे अधिकारी का फोन छीन लिया और गाड़ी में बैठा लिया। एक जाट नेता ने उस अधिकारी की फोटो भी खींची और कहा कि समय आने पर हम बता देंगे कि ये अधिकारी थे जो माहौल खुद खराब कर रहे थे।
ये बीजेपी का आदमी है
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा ने आरोप लगाया है कि राजेश सुल्तानपुरिया बीजेपी का आदमी है। समिति में तो कुछ साल पहले था। जिसे समिति से निकाला जा चुका है। वर्ष 2016 में भी इन व्यक्तियों के कारण माहौल खराब हुआ था। ट्रैक पर आए युवाओं में वह व्यक्ति मौके पर मौजूद था। समिति का कोई इरादा नहीं था कि हम रोड जाम करें या ट्रैक जाम करें। हमने ऐसी कोई ऐसी कॉल भी नहीं की थी। बीजेपी का आदमी होने के कारण इसे अब भी छूट दी जा रही है।
डीसी, एसपी बोले - होगी कार्रवाई
रामायण रेलवे ट्रैक पर घटनास्थल पर खड़े डीसी निखिल गजराज व एसपी राजेंद्र मीणा ने कहा कि प्रशासन के पास पुख्ता सबूत हैं। जिन लोगों ने ट्रैक जाम करने की कोशिश की है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि फाटक तोड़ने वाले मामले पर उन्होंने कहा कि ये रेलवे की संपत्ति है इसमें रेलवे कार्रवाई करेगा।
यह बोले भाजपा जिलाध्यक्ष
पार्टी में राजेश सुल्तानपुरिया नाम से कोई पदाधिकारी नहीं है। ना ही ऐसा कोई कार्यकर्ता है। हो सकता है कि कोई पार्टी का नाम जोड़कर पार्टी की छवि खराब करना चाहता है। ऑन रिकॉर्ड ऐसे व्यक्ति का हमारी पार्टी में किसी भी पद पर कोई नाम नहीं है।
- सुरेंद्र पूनिया, जिला अध्यक्ष बीजेपी