हाईकोर्ट में आरक्षण को लेकर मामले की सुनवाई 20 जून तक टलने के बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने मय्यड़ के बाद अब सुरेवाला चौक पर धरना लगाने का निर्णय किया है। यह फैसला गांव मय्यड़ में धरनास्थल पर बैठक कर लिया गया।
बैठक में बताया गया कि 18 जून से हिसार जिले में धरने की संख्या बढ़ा दी जाएगी। इस कड़ी में सुरेवाला चौक पर धरना दिया जाएगा। वहीं धरने पर बैठे समिति नेताओं ने सरकार के साथ शुक्रवार को हुई बातचीत से किनारा किया। उनका कहना था कि उन्हें बातचीत का न्योता नहीं मिला।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर शुक्रवार को 13 वें दिन भी गांव मय्यड़ में बेमियादी धरना जारी रहा। धरने पर कांग्रेस नेता राजबीर सिंधु समर्थन देने के लिए पहुंचे और कहा कि भाजपा सरकार की मंशा जाटों को आरक्षण देने की बजाए इसे लटकाना है।
धरने पर बैठे जाट समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार वादाखिलाफी कर रही है। सरकार अपने पूर्व के वायदे पर कायम नहीं है। समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि जाट समाज के लोग 13 दिनों से शांतिपूर्वक मय्यड़ में धरने पर बैठे हैं।
लेकिन इन दिनों में सरकार समिति की मांगों के बारे में सुनवाई नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार टाल मटोल की नीति पर चल रही है। इससे जाट समाज में रोष है। वहीं सरकार के साथ शुक्रवार को बातचीत के लिए हिसार जिले से 3 खाप नेता सतरोल खाप के प्रधान इंद्र सिंह, सात बास के प्रधान धारा सिंह और चंदीराम रवाना हुए। सरकार के साथ हुई बातचीत सकारात्मक होने का दावा किया जा रहा है।
बातचीत के नाम पर फूट डालने का काम कर रही सरकार
मलिक ने कहा कि सरकार बाचतीत के लिए आंदोलन कर रहे नेताओं को बुलाने की बजाए अपने समर्थकों को बुला रही है। ऐसे में बातचीत का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत के नाम पर जाट समाज में फूट डालने का काम कर रही है। मलिक ने ये भी कहा कि समिति ने बातचीत से इसलिए किनारा कर लिया कि समिति नेताओं को विधिवत रूप से बातचीत का न्योता नहीं दिया गया था।
सुनवाई नहीं हुई तो धरनों की संख्या बढ़ाई जाएगी
हाईकोर्ट में सुनवाई टलने पर मलिक ने कहा कि अगर इसी प्रकार से तारीखें लगती रही तो जाट समाज को न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हुई समिति की बैठक में निर्णय लिया है कि 18 जून से जिले में धरने की संख्या बढ़ाई जाएगी।
इसी कड़ी में शनिवार से उकलाना में सुरेवाला चौक पर धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने सुनवाई नहीं की तो धरनों की संख्या और बढ़ा दी जाएगी।