हरियाणा के हिसार में होमगार्ड भर्ती घोटाले मामले में सिविल जज अंतरप्रीत की अदालत में होमगार्ड विभाग ने 38 लोगों की सूची को गलत माना है। विभाग की विशेष जांच में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। जिला कमांडेंट की ओर से जवाब दावा पेश किया गया। इसमें विभाग ने माना कि 38 लोगों की सूची विशेष जांच में गलत साबित हुई।
सितंबर माह में होमगार्ड भर्ती का मामला विवाद में आया था। प्रदेश सरकार के निर्देश अनुसार पुराने होमगार्ड को दोबारा से रखा जाना था, जिसमें 38 लोगों की एक सूची तैयार कर मुख्यालय भेजी गई। यह मामला प्रदेश की सुर्खियां बना था। इसमें कई अधिकारियों के तबादले भी किए गए थे। दो पुराने लोगों ने इस सूची को चैलेंज किया।
इन लोगों ने अपनी बहाली का दावा किया तो उन्हें नहीं लिया गया, जिसके बाद अग्रोहा निवासी सुनील च लांधडी निवासी विनोद ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने 38 लोगों की सूची पर स्टे ऑर्डर जारी कर दिया था।
गृहरक्षी विभाग ने भी इस मामले में जांच शुरू की थी। इसमें होमगार्ड एसपी अशोक श्योराण को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। अशोक श्योराण की ओर से एक फरवरी 2022 को जांच की रिपोर्ट सौंपी गई। जिसमें उन्होंने कहा कि 38लोगों की सूची सही साबित नहीं हुई। इन लोगों के पुराने होमगार्ड होने के प्रमाण नहीं मिले।
इनके पास पे स्लीप, हाजिरी, एनरोलमेंट नंबर, यूनिक कोड, ड्यूटी रिकॉर्ड नहीं मिला। इस जांच के आधार पर 38 लोगों की सूची को वापस ले लिया गया है। होमगार्ड विभाग की ओर से बुधवार को अदालत में जवाब दावा पेश किया गया।
गौरतलब है कि होमगार्ड भर्ती मामले में दो लाख रुपये की रिश्वत लेने, कॉल गर्ल उपलब्ध कराने के आरोप भी लगे थे। जिसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुुई थी। इसके बाद कंपनी कमांडर, प्लाटून कमांडर, हेड क्लर्क को निलंबित कर दिया गया था। डीएसपी से चार्ज वापस ले लिया गया था। होमगार्ड वालंटियर ने इस बारे में राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा के समक्ष भी मामला उठाया था।