हिसार। फर्जी मेडिकल बिल बनाने के मास्टरमाइंड जोनी का एक और कारनामा सामने आया है। उसने अपने कंप्यूटर का सारा रिकॉर्ड ही डिलीट कर दिया, जो इस मामले में अहम सबूत था। उधर, नगर निगम प्रशासन फर्जी रिलीविंग लेटर बनाने के मामले में जोनी के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज करवाएगा। निगमायुक्त से इसकी अनुमति ले ली गई है।
प्रारंभिक जांच के दौरान दिए बयान में कंप्यूटर ऑपरेटर जोनी ने कबूल किया था कि वह नगर निगम के कंप्यूटर पर ही फर्जी बिल तैयार करता था। ऐसे में यह स्पष्ट था कि उसके कंप्यूटर में ही फर्जी बिल से जुड़े अहम दस्तावेज थे, जो इस मामले में महत्वपूर्ण सबूत भी थे। आरोपियों को दोषी साबित करने में ये दस्तावेज अहम भूमिका निभाने वाले थे, लेकिन निगम अधिकारियों की लापरवाही का फायदा उठाकर उसने कंप्यूटर से सारे दस्तावेज डिलीट कर दिए।
जांच के दौरान ही कब्जे में लिया जाना था कंप्यूटर
जांच अधिकारी को जोनी के कंप्यूटर को भी कब्जे में लेना था ताकि आरोपी सबूतों से कोई छेड़छाड़ न कर सके पर ऐसा नहीं किया गया। उधर, फर्जी रिलीविंग लेटर का खुलासा होने के बाद जोनी मंगलवार को निगम कार्यालय में नहीं आया। जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने निगम प्रशासन ने फर्जी मेडिकल बिल उपलब्ध करवाने को कहा है।
फर्जी रिलीविंग लेटर बनाने के मामले में जोनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके लिए निगमायुक्त से अनुमति ले ली गई है। -
डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगमायुक्त