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हिंदी में बीटेक करना हो तो जाना पड़ेगा फरीदाबाद

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पिंकू यादव
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हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में पहली बार शुरू किए गए बीटेक हिंदी कोर्स में सिर्फ 8 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। कोर्स चलाने के लिए कम से कम 20 विद्यार्थी चाहिए। ऐसे में जीजेयू में आवेदन करने वाले इन विद्यार्थियों को अब फरीदाबाद जाना पड़ेगा। इन विद्यार्थियों को नियमानुसार वाईएमसीए विश्वविद्यालय फरीदाबाद में ट्रांसफर किया जाएगा।
प्रदेश के 3 विश्वविद्यालयों को हिंदी में भी बीटेक करवाने की अनुमति मिली थी। हिसार के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय को चार कोर्स, मुरथल के दीनबंधु विश्वविद्यालय को दो कोर्स और फरीदाबाद के वाईएमसीए विश्वविद्यालय को एक कोर्स हिंदी में कराने की अनुमति दी गई थी। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में बीटेक हिंदी में कंप्यूटर साइंस में सिर्फ 8 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इसके कारण इन विद्यार्थियों को यहां नहीं पढ़ाया जा सकेगा। नियमों के अनुसार किसी भी ब्रांच को चलाने के लिए कम से कम 20 विद्यार्थियों की जरूरत होती है। यहां पर दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम है। सोनीपत के दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय में 7 विद्यार्थियों ने दाखिले के लिए आवेदन किया था। संवाद
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हर कोर्स के लिए 30-30 सीटें रखीं
दीनबंधू छोटू राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल जिला सोनीपत को इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 30-30 सीट, जगदीश चंद्र बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फरीदाबाद को मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 30 सीटों की मान्यता दी गई है। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय को कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग, इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग शाखा में 30-30 सीटों की मान्यता दी है।
हमारे पास हिंदी बीटेक के 15 एडमिशन हुए हैं। इंडक्शन प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं। एआईसीटीई ने किताबें उपलब्ध करवाई हैं। हमारे पास हिंदी टीचर मौजूद हैं, जो हिंदी में बीटेक करवा सकते हैं। ट्रेनिंग करवाने पर जोर दिया जा रहा है। सोमवार से क्लासेज शुरू कर दी जाएगी। जीजेयू और दीनबंधु विश्विद्यालय में हिंदी बीटेक के विद्यार्थियों को यहां शिफ्ट करने की बात कही गई है। हालांकि अभी तक लिखित आदेश नहीं मिले हैं। - डायरेक्टर मनीषा, वाईएमसीए विश्वविद्यालय, फरीदाबाद
20 से कम विद्यार्थी होने पर ब्रांच चलाई नहीं जा सकती हैं। इसलिए सबने निर्णय लिया कि वाईएमसीए विश्वविद्यालय में अधिक बच्चे आए हैं तो वहां पर सभी का दाखिला किया जाए। हमारे पास सात आवदेन आए थे। बाद में इन छात्रों ने दाखिला लेने से मना कर दिया था। - अनिल कुमार, दाखिला कमेटी, दीनबंधु विश्वविद्यालय
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हमारे पास 8 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है, लेकिन 20 से कम विद्यार्थी होने पर हम ब्रांच नहीं चला सकते। इसलिए यहां दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को फरीदाबाद के विश्वविद्यालय में शिफ्ट किया जाएगा। - प्रोफेसर अंजन बराल, दाखिला कमेटी इंचार्ज, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय
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