हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में मंगलवार को दो दिवसीय अंतर-महाविद्यालय युवा महोत्सव-उत्सव का भव्य आगाज हुआ। पहले दिन विद्यार्थियों ने हरियाणवी, पंजाबी, राजस्थानी और हिंदी फिल्मी गानों पर नृत्य प्रस्तुत कर स्टेज पर धमाल मचाया। सास तेरी एक ना मानूंगी, फिल्म चन्द्रावल देखूंगी गाने पर स्टेज प्रदर्शन और दर्शकों की तालियों ने माहौल को और उत्साहपूर्ण बना दिया। दर्शक भी कुछ देर के लिए स्टेज पर आकर विद्यार्थियों के साथ डांस करते नजर आए।
छात्र कल्याण निदेशालय द्वारा आयोजित इस महोत्सव में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने कहा कि युवा महोत्सव केवल सांस्कृतिक मंच नहीं बल्कि अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव युवाओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने के साथ-साथ राष्ट्र और संस्कृति में सक्रिय योगदान देने का अवसर प्रदान करता है। प्रो. कांबोज ने यह भी कहा कि युवाओं की भागीदारी साहित्य, कला और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सहायक होगी और देश की सांस्कृतिक विरासत को सजीव बनाए रखने में मदद करेगी।
आठ महाविद्यालयों के छात्र और छात्राओं ने भाग लिया
कार्यक्रम में कैंपस स्कूल की निदेशिका संतोष कुमारी विशिष्ट अतिथि रहीं। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत पगड़ी बांधकर, ढोल और नगाड़ों के साथ किया गया। महोत्सव में विश्वविद्यालय से संबद्ध आठ महाविद्यालयों के छात्र और छात्राओं ने भाग लिया। रंग-बिरंगी पोशाकों में विद्यार्थी ढोल, नगाड़ों के साथ नाचते, गाते और उत्साहपूर्वक मंच पर प्रस्तुति देते नजर आए।
ये प्रतियोगिताएं हुईं
युवा महोत्सव में भाषण प्रतियोगिता, एकल गायन, लोकगीत, समूह गायन, पाश्चात्य संगीत, कोरियोग्राफी, एकल नृत्य, फैंसी ड्रेस, वाद-विवाद और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इस अवसर पर विद्यार्थियों को आयोजन और प्रबंधन की जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिससे उनमें नेतृत्व और टीम भावना विकसित हो सके।इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव, विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशक, अधिकारी, निर्णायक मंडल के सदस्य, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। महोत्सव का यह उत्सव छात्रों की सांस्कृतिक, बौद्धिक और शैक्षणिक प्रतिभा को उजागर करने का प्रभावी मंच साबित हुआ।