घर लौटने के बाद हर्षिता अपने परिवार के साथ पूजा करते हुए
हिसार। 355 दिन बाद लौटी लाडो शुक्रवार रात एक बजे अपने घर पहुंची तो परिजनों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सुबह उठते ही पूरे परिवार ने भगवान की पूजा की। इसके बाद हर्षिता का छोटा भाई देव उसके लिए चाकलेट और बड़ा भाई दीपक पिज्जा व कोल्डड्रिंक लेकर आया।
हर्षिता की मां बोलीं कि इस बार मैं अपनी बेटी के लिए नवरात्र के सारे व्रत रखूंगी। हम लाडो के सपने पूरे करेंगे और उसे पढ़ाएंगे। हर्षिता की मां रानी ने बताया कि रविवार को बेटी की पसंद के छोले भटूरे बनाएंगे। लघु सचिवालय के गेट पर इतने दिन धरना दिया वहां केक काटकर खुशी मनाएंगे।
शनिवार की सुबह सुनील सोनी के लिए बेहद अच्छी सुबह थी। 356 दिन बाद ऐसा दिन था जब पूरा परिवार साथ था। पुलिस की प्रक्रियाओं को पूरा करने में करीब 19 घंटे का समय लगा। सुबह दस बजे से पुलिस की प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा था। रात एक बजे तक इन प्रक्रिया को पूरा किया जा सका।
इस दौरान उसे काउंसलर से भी मिलवाया गया, जहां मनोचिकित्सक ने परिवारजनों ने कहा कि आपकी बेटी लंबे समय बाद घर आई है। अभी इसकी मानसिक स्थिति पूरी तरह से ठीक नहीं है। आप अभी इससे ऐसा कोई सवाल न करें। परिवार इसे पूरा समय दे।
हर्षिता की मां रानी ने कहा कि हम अपनी बेटी का दोबारा से दाखिला कराएंगे। उसकी दसवीं की पढ़ाई अधूरी रह गई थी। जल्द ही उसे दाखिला दिलाएंगे। रानी ने बताया कि मैंने शनि महाराज के 11 व्रत बोले थे। दसवें व्रत में ही हमारी बेटी हमें मिली। हर्षिता के लिए दोनों भाइयों ने सोमवार के व्रत रखे थे।
छत्रपाल सोनी के घर पहुंचे : सुनील सोनी पूरे परिवार को लेकर स्वर्गीय छत्रपाल सोनी के घर पहुंचे। सुनील सोनी ने बताया कि हमारी बेटी की तलाश के लिए प्रदर्शन के दौरान छत्रपाल सोनी की मौत हुई थी। हम अपनी बेटी को घर ले जाने से पहले यहां आना चाहते थे, लेकिन रात के एक बजे होने के चलते नहीं आए। सुबह होते ही मंदिर जाने से पहले यहां आकर इस परिवार का आभार जताया, जिन्होंने हमारी बेटी के लिए जीवन का बलिदान दे दिया।