हिसार। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सेक्टर वासियों को छह माह से पानी व सीवर के बिल नहीं भेजे हैं। ऐसे में एक साथ कई माह के बिल भेजे जाने से सेक्टरवासियों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। उधर विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि मुख्यालय के सॉफ्टवेयर का टेंडर न होने के कारण बिल नहीं भेजे जा रहे हैं। बता दें कि नियम के अनुसार विभाग को हर दो माह पानी के बिल भेजने होते हैं।
इस तरह आता है पानी का बिल
एचएसवीपी के अनुसार 10 रीडिंग तक प्रति यूनिट ढाई रुपये, 11-20 यूनिट का 5 रुपये, 21 से 30 यूनिट के 8 रुपये और 31 से अधिक यूनिट के 10 रुपये प्रति यूनिट शुल्क लिया जाता है। वहीं पानी के बिल का 25 प्रतिशत सीवर के बिल के रूप में चुकाना होता है।
यूं पड़ेगा आर्थिक बोझ
एक साथ कई माह का बिल इकट्ठा आने से बिल ज्यादा आएगा, जिससे सेक्टर वासियों को एक साथ ज्यादा राशि का भुगतान करना पड़ेगा। इसके अलावा एक साथ कई माह का बिल बनने से रीडिंग अधिक आएगी। इस कारण से बिल स्लैब के अधिकतम शुल्क के हिसाब से तैयार किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति एक माह की 20 यूनिट तक आती है। इस स्थिति में उससे पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। चूंकि अब छह माह से बिल नहीं आए हैं तो उक्त व्यक्ति की यूनिट 31 से ज्यादा आएगी। इस स्थिति में उससे विभाग 10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब शुल्क लेगा। मतलब उक्त व्यक्ति को अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।
सेक्टरों में पानी के कनेक्शनों की स्थिति
सेक्टर-पानी कनेक्शन संख्या
1-4-----950
3-5-----150
9-11-----2800
13------1680
14------2100
14 पार्ट टू------250
15------1000
16-17------2400
21------500
33------400
पीएलए-----1175
अर्बन एस्टेट-----1650
पिछले वित्त वर्ष में भी एक साथ भेजा था सात माह का बिल
वित्त वर्ष 2020-21 में भी विभाग ने एक साथ सात माह का पानी का बिल भेजा था। उस समय भी बिल बनाने वाली एजेंसी का टेंडर खत्म हो गया था और कोरोना की वजह से नया टेंडर नहीं लगाया था। इस कारण से विभाग ने पानी का बिल बनाने वाले स्टाफ को अन्य जगहों से वापस हिसार स्थित कार्यालय में बुला लिया था। मगर इस बार मुख्यालय पर संचालित किए जा रहे सॉफ्टवेयर को चलाने को लेकर टेंडर नहीं किया गया। इस कारण से सेक्टरों में पानी व सीवर के बिल नहीं भेजे जा पा रहे हैं।
वर्जन
मुख्यालय स्तर पर बिल तैयार करने वाले सॉफ्टवेयर को चलाने का टेंडर न होने के कारण पानी के बिल नहीं भेजे जा रहे हैं।
पवन वर्मा, एक्सईएन, एचएसवीपी
--
वर्जन
विभाग को नियमानुसार हर दो माह में पानी के बिल भेजने चाहिए। अब एक साथ कई माह का बिल तैयार कर भेजा जाएगा, जिससे ज्यादा बिल सेक्टर वासियों को भरना पड़ेगा।
अमर लाल बूरा, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 13
--
एचएसवीपी ने कई सुविधाएं के लिए एक्सप्रेस सुविधा की शुरू, 25 हजार रुपये शुल्क चुका उठा सकेंगे सुविधा का फायदा
हिसार। एचएसवीपी ने प्लॉटधारकों की सुविधा को देखते हुए एक्सप्रेस सुविधा शुरू की है। इस सुविधा के माध्यम से प्लॉट धारक अपने कामों को जल्द करवा सकेंगे। हालांकि इसके लिए उन्हें अतिरिक्त भुगताना करना होगा।
बता दें कि विभाग ने कई कार्यों के लिए दिन निर्धारित किए हुए हैं। मगर कुछ प्लॉट धारकों को कई बार उन कामों को जल्द पूरा करवाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे प्लॉटधारकों के लिए विभाग ने यह सेवा शुरू की है।
सेवा का नाम-वर्तमान समय-एक्सप्रेस सेवा-फीस
ट्रांसफर परमिशन-4 दिन-2 दिन-25 हजार रुपये
कन्वींस डीड-16 दिन-2 दिन-25 हजार रुपये
परमिशन टू मोर्टगेज-4 दिन-1 दिन-25 हजार रुपये
रिअलॉटमेंट लेटर-4 दिन-1 दिन-25 हजार रुपये
डुप्लीकेट पेपर-4 दिन-1 दिन-25 हजार रुपये
कंपलीशन सर्टिफिकेट(व्यावसायिक)-15 दिन-3 दिन-25 हजार रुपये
अप्रवूल ऑफ बिल्डिंग(फ्रेश, रिवाइज्ड, व्यावसायिक)-15 दिन-2 दिन-25 हजार रुपये