हिसार। प्रदूषण फैलाने वाले कारकों में अब 100 वर्ग गज एरिया और 36 लोगों के बैठने की क्षमता वाले सभी होटल, रेस्टोरेंट, मोटल्स, रेस्टोरेंट, पार्टी लॉन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दायरे में आ गए हैं। ट्रिब्यूनल के मुताबिक मानकों के विपरीत निर्माण समेत प्रदूषण फैलाने की तमाम गतिविधियां इनमें होती हैं। इन सभी को एनजीटी की गाइडलाइन का पालन करना होगा। यही नहीं गाइडलाइन को लागू करवाने को लेकर संबंधित विभागों से हर माह एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मांगी जाएगी।
बता दें कि शहर में 50 से ज्यादा होटल, रेस्टोरेंट व पार्टी लॉन हैं। इनकी तरफ से कई ऐसी गतिविधियां की जा रही थीं, जिससे पर्यावरण को कहीं न कहीं नुकसान पहुंच रहा था। इसी को देखते हुए अब इन्हें एनजीटी के दायरे में लाया गया है। अब इन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेनी होगी। बोर्ड इन्हें तभी अनुमति देगा, जब इनके पास डीटीपी, नगर निगम या पंचायत की अनुमति होगी। इसके अलावा इन्हें सोलर पैनल भी लगाना होगा। बिजली निगम यह सुनिश्चित करेगा कि इन्होंने सोलर पैनल लगवाए या नहीं।
मंजूरी मिलने के बाद ही कर सकेंगे भूमिगत जल का इस्तेमाल
यही नहीं अब बिना मंजूरी के होटल, रेस्टोरेंट व पार्टी लॉन संचालक भूमिगत जल भी इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें जनस्वास्थ्य विभाग से मंजूरी लेनी पड़ेगी। साथ ही इन्हें फायर विभाग से फायर एनओसी भी लेनी होगी। अगर ये पब्लिक सीवर सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इन्हें ऑयल स्कीमर लगाना होगा। वहीं जहां पब्लिक सीवर सिस्टम नहीं है, वहां एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) अनिवार्य रूप से लगाना होगा।
तीन वर्गों में किया विभाजित
ग्रीन : 10 किलो लीटर प्रतिदिन से कम डिस्चार्ज की क्षमता वाले
ऑरेंज : 10 से 100 किलो लीटर प्रतिदिन डिस्चार्ज की क्षमता वाले
रेड : 100 किलो लीटर प्रतिदिन से ज्यादा डिस्चार्ज की क्षमता वाले
अभी हाल ही में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक की है। बैठक में सभी विभाग के अधिकारियों को गाइडलाइन की पालना करवाने को लेकर दिशा-निर्देश दिए हैं। हर माह इसे लेकर सभी संबंधित विभागों की बैठक होगी, जिसमें सभी को एटीआर प्रस्तुत करनी होगी। - डॉ. सुनील श्योराण, वैज्ञानिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
नगर निगम डाटा करेगा एकत्रित
नगर निगम इस संबंध में एरिया में संचालित सभी होटल, रेस्टोरेंट व पार्टी लॉन का डाटा एकत्रित करेगा कि उनकी तरफ से किन-किन गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। इसे लेकर निगम की संबंधित शाखा से प्रफोर्मा भी तैयार किया है। प्रत्येक होटल, रेस्टोरेंट व पार्टी लॉन संचालक से यह प्रफोर्मा भरवाया जाएगा।
प्रफोर्मा में मांगी जानकारी : वार्ड, एरिया, मालिक का नाम, पता, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, संबंधित विभाग से बिल्डिंग प्लान अप्रवूल, फायर एनओसी, मेन वाटर सोर्स, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की व्यवस्था, सीवर नेटवर्क की व्यवस्था, किचन की व्यवस्था, किचन के लिए फ्यूल व्यवस्था, तंदूर में फ्यूल व्यवस्था, डीजी सेट ऑपरेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट।