नक्शे के विपरीत बने सात व्यावसायिक भवन किए सील
शहर में कई जगह हो रहा बिना नक्शा पास कराए निर्माण, जो भवन किए सील उनका हो चुका 60 से 80 प्रतिशत तक निर्माण पूरा
हिसार। नगर निगम की भवन शाखा ने नक्शे के अनुवार नहीं बने सात व्यावसायिक भवनों को मंगलवार सील कर दिया। इनमें से ज्यादातर भवन 60 से 80 प्रतिशत तक बन चुके हैं। ऐसे में अब इन भवनों को सील करके निगम प्रशासन ने औपचारिकता मात्र निभाई है।
बता दें कि शहर के ज्यादातर क्षेत्रों में बिना नक्शा पास करवाए व नक्शे के उलट ही भवन निर्माण किए जा रहे हैं। मगर निगम प्रशासन इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता है। कभी-कभार दिखावे के लिए एक-दो भवनों को सील कर दिया जाता है, लेकिन कुछ दिनों के बाद उस भवन की सील खोल दी जाती है और फिर से धड़ल्ले से भवन मालिक बचे हुए निर्माण कार्य को पूरा कर लेता है।
शहर में कहीं कोई भवन निर्माण खासतौर पर व्यावसायिक उद्देश्य से होता है और भवन मालिक द्वारा बिना नक्शे या नक्शे के उल्ट काम किया जा रहा होता है तो शुरुआत में निगम की भवन शाखा उस तरफ आंखे मूंदकर बैठ जाती है। जब 50 प्रतिशत या इससे ज्यादा निर्माण कार्य पूरा हो जाता है तो भवन शाखा की तरफ से बिल्डिंग को सील कर दिया जाता है। हालांकि इससे पहले भवन मालिक को निर्माण कार्य बंद करने का सात दिन का नोटिस दिया जाता है। मगर कभी भी सात दिन के बाद भवन मालिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है। भवन को सील करने के बाद निगम में सुनवाई के लिए एप्लीकेशन लगाई जाती है। एप्लीकेशन में भवन मालिक तर्क देता है कि उसे नक्शे के बारे में अधूरी जानकारी थी।
ब्यूरो
नहीं की जाती अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई
अगर बिना नक्शे तैयार किए ही भवन मालिक निर्माण कार्य कर रहा है तो वह शपथ पत्र देता है कि 90 दिन में वह नक्शा जमा करवा देगा। यदि वह नक्शे के अनुरूप निर्माण कार्य नहीं कर रहा होता है तो वह शपथ पत्र देता है कि 90 दिन में वह उक्त निर्माण को तोड़ देगा। इसकी एवज में वह निगम में 20 हजार से 2 लाख रुपये तक की राशि जमा करवाता है। उधर, शपथ पत्र देने के बाद निगम भवन की सील खोल देता है। भवन मालिक अगर शपथ पत्र का पालन नहीं करता है तो नियमानुसार निगम प्रशासन द्वारा उसकी जमा राशि को जब्त करने के साथ-साथ निर्माण तोड़ने की कार्रवाई भी करनी होती है, जो नहीं की जाती है।
जो भवन किए थे सील, आज बन चुके शोरूम
शहर में काफी ऐसे व्यावसायिक भवन हैं, जो निगम द्वारा सील किए गए थे। मगर आज इनकी सील भी खुल चुकी है। सील खुलने के बाद भी भवन मालिकों ने दिए शपथ पत्र के अनुसार इनमें कोई बदलाव नहीं किए और इनमें आज धड़ल्ले से बड़े-बड़े शोरूम चल रहे हैं। शहर के दिल्ली रोड पर ही ऐसे काफी भवन हैं।
नक्शों में दिखाई जाती है पार्किंग, असलियत में चलती हैं दुकानें
निगम क्षेत्र के पास ज्यादातर व्यावसायिक भवनों में अगर बेसमेंट तैयार किया जाता है तो निगम द्वारा पास नक्शे में गोदाम या पार्किंग दिखाया होता है, लेकिन हकीकत में वहां दुकानें चलती हैं। शहर की पार्किंग व्यवस्था बिगड़ने का यह भी एक बड़ा कारण है।
यहां भवन किए सील : टाउन पार्क के सामने के दो, डाबड़ा चौक पर दो, मॉडल टाउन में एक व कैंट एरिया में दो निर्माणाधीन भवनों मंगलवार को सील किया गया है।
शहर में नियमानुसार निर्माण न करने व नक्शे के विपरीत भवन निर्माण करने वाले मालिकों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जाती है। आज निगम की टीम ने नक्शे के विपरीत निर्माण करने वाले सात भवनों को सील कर दिया। नक्शे के विपरीत निर्माण करने भवन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। - अशोक गर्ग, निगमायुक्त