रमलू हत्याकांड में एडीजे गगनदीप मित्तल की अदालत ने दोषी राममेहर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। राममेहर को अदालत ने चार दिन पहले दोषी करार दिया था। वीरवार को अदालत ने सजा के फैसले को एक दिन के लिए टाल दिया था। रमलू के परिवारजनों ने राममेहर को सजा सुनाए जाने पर संतोष् व्यक्त किया। उन्होंने कहा ऐसे व्यक्ति को कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए।
पीड़ित पक्ष के वकील लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि कोर्ट में आज जज के सामने हमने कहा कि यह मामला जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है, क्योंकि राममेहर ने बड़ी चालाकी और योजना के तहत हत्याकांड को अंजाम दिया है। रमलू की पैथालॉजी रिपोर्ट में भी किसी तरह के शराब व अन्य किसी पदार्थ के सेवन की बात सामने नहीं आई है।
राममेहर ने रमलू को बिना कसूर अपनी महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए जिंदा जला कर दर्दनाक तरीके से मार डाला। रमलू के परिवार में 10 लोग थे, जो उस पर ही निर्भर थे। उन सभी के जीवन को भी इस हत्याकांड ने उनके जीवन को भी प्रभावित किया है। राममेहर के 3 औरतों के साथ संबंध थे। कोर्ट राधा नाम की महिला को पहले ही बरी कर चुकी है।
यह था मामला
6 अक्तूबर 2020 को हांसी में व्यापारी राममेहर ने 1.41 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम पाने के लिए खुद की हत्या की साजिश रची थी। खुद को मृत घोषित करने के लिए उसने अपने ही गांव डाटा के अपने ही नाम के व्यक्ति राममेहर उर्फ रमलू को ढूंढा। उसने गांव में घूमकर ऐसे व्यक्ति की पहचान की जो उसकी तरह कद काठी का हो, उसकी उम्र का हो। इसके बाद उसने पूरी प्लानिंग के तहत घटना को अंजाम दिया। उसने कार में बैठाकर रमलू को घुमाया और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या दिखाने के लिए राममेहर ने 9 लाख रुपये नकद भी निकाल लिए थे।