हिसार। हांसी के रमलू हत्याकांड में वीरवार को एडीजे गगनदीप मित्तल की अदालत ने सजा का फैसला एक दिन के लिए टाल दिया। अब 28 फरवरी को दोषी राममेहर को सजा सुनाई जाएगी। पीड़ित पक्ष के वकील लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि रमलू की पैथालॉजी रिपोर्ट में भी किसी तरह के शराब व अन्य किसी पदार्थ के सेवन की बात सामने नहीं आई है। राममेहर ने रमलू को बिना कसूर अपनी महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए जिंदा जला कर दर्दनाक तरीके से मार डाला। रमलू के परिवार में 10 लोग थे, जो उस पर ही निर्भर थे।
गौरतलब है कि 6 अक्तूबर 2020 को हांसी में व्यापारी राममेहर ने 1.41 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम पाने के लिए खुद की हत्या की साजिश रची थी। खुद को मृत घोषित करने के लिए उसने अपने ही गांव डाटा के अपने ही नाम के व्यक्ति राममेहर उर्फ रमलू को ढूंढा। उसने गांव में घूमकर ऐसे व्यक्ति की पहचान की जो उसकी तरह कद काठी का हो, उसकी उम्र का हो। इसके बाद उसने पूरी प्लानिंग के तहत घटना को अंजाम दिया। उसने कार में रमलू को घुमाया और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर कार में जला दिया था।