शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए चल रहे सर्वे की रिपोर्ट लेट होने पर डीसी चंद्रशेखर खरे ने नाराजगी जताई है। जनवरी महीने में जिस कंपनी ने वार्ड वाइज अवैध कॉलोनियों के सर्वे का टेंडर लिया था वे अभी तक काम पूरा नहीं कर पाई हैं। सरकार लगातार निगम प्रशासन से सर्वे की रिपोर्ट भेजने बारे पत्र व्यवहार कर रही है।
कहीं ऐसा न हो कि निगम प्रशासन की लापरवाही के कारण शहर की अवैध कॉलोनियां वैध होने की श्रेणी से ही बाहर हो जाए। डीसी एवं निगम कमिश्नर ने बुधवार तक हर हाल में सर्वे रिपोर्ट कार्यालय में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सिरसा की कंपनी को दिया है टेंडर
नगर निगम ने जिला भर में अवैध कॉलोनियों का सर्वे करवाने के लिए ई टेंडर किया था। सिरसा की एक कंपनी को ये टेंडर अलॉट हुआ था। पूरे जिले भर में यानी नगर पालिका व नगर निगम क्षेत्र के सभी टेंडर इसी कंपनी को अलॉट कर दिए गए। कंपनी ने नारनौंद, हांसी सहित कई जगहों का सर्वे तो कर दिया मगर अभी तक हिसार नगर निगम के अंतर्गत आने वाली अवैैध कॉलोनियों का सर्वे ही नहीं हो पाया है।
करीब 20 से ज्यादा कॉलोनियों का होना है सर्वे
नगर निगम क्षेत्र में करीब 20 से ज्यादा कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए सर्वे करवाया जाना है। इन कॉलोनियों की वास्तविक स्थिति की सर्वे रिपोर्ट निगम निदेशालय को वैध करने के लिए भेजी जाएगी। निदेशालय रिपोर्ट के आधार पर यह निर्धारित करेगा कि इनमें से कितनी कॉलोनियों को वैध किया जाना है और कितनी को नहीं।
इन कॉलोनियों में होना था सर्वे
फ्रेंड्स एनक्लेव, किसान कॉलोनी, सत्यनगर, अमन नगर, नवदीप एक्सटेंशन सहित 20 कॉलोनियों का सर्वे होना है। ये कॉलोनियां मिलगेट, आजाद नगर, सातरोड, बालसमंद रोड, मिर्जापुर रोड क्षेत्रों की हैं।
डीसी ने की खिंचाई
इस मामले को लेकर डीसी एवं निगम कमिश्नर ने निगम अधिकारियों की संडे को भी मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग में कमिश्नर ने निगम अधिकारियों की खिंचाई की थी। कंपनी ने आरोप लगाया था कि अलग-अलग एरिया के पटवारी उन्हें सहयोग नहीं कर रहे। डीसी ने कानूनगो व पटवारियों को उन्हें रिकॉर्ड दिखाने संबंधित सहयोग करने के निर्देश दिए थे।