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प्रतिद्वंद्वी पर कई मुक्केबाज रही भारी, रेफरी ने मैच को बीच में रोककर विजेता करना पड़ा घोषित

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नेशनल वुमन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मैच देखते मेडिकल स्टाफ। - फोटो : Hisar
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हिसार। सेंट जोसेफ इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित 5वीं एलीट महिला राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के दूसरे दिन मुक्केबाजों ने अपने पंच का दम दिखाया। सभी मुक्केबाज प्रतियोगिता में गोल्ड जीतकर वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपनी जगह पक्की करना चाहते हैं। शुक्रवार को कई मुकाबलों में मुक्केबाज प्रतिद्वंद्वी पर भारी नजर आए तो रेफरी ने मैच बीच में रोककर विजेता घोषित करना पड़ा। 70 किलोग्राम भारवर्ग में हरियाणा की स्टार बॉक्सर पूजा रानी ने हरियाणा की ही ऑल इंडिया पुलिस टीम से खेलने वाली पिंकी को एक तरफा मुकाबले में 5-0 से हराया। पूजा रानी एशियन गोल्ड मेडलिस्ट है।
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शुक्रवार को विभिन्न भार वर्गों में 48 मुकाबले हुए। प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में शहर थाना प्रभारी कप्तान सिंह पहुंचे। सब इंस्पेक्टर अंजू बाला विशिष्ट अतिथि के तौर पर पहुंचीं। कप्तान सिंह ने कहा कि आज खेलों ने युवाओं के करिअर को नई उड़ान दी है। हरियाणा में खेल प्रतिभाओं का पूरा सम्मान दिया जाता है। प्रतियोगिता के आयोजक अध्यक्ष व सेंट जोसेफ इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक अनिल मान ने बताया कि 27 अक्तूबर को फाइनल मुकाबले होंगे। इस मौके पर अर्जुन अवॉर्डी जितेंद्र कुमार, भारतीय युवा महिला मुक्केबाजी टीम के मुख्य कोच भास्कर भट्ट व भीम अवॉर्डी संजय श्योराण मौजूद रहे।
ये रहे परिणाम
57 से 60 किलोग्राम भारवर्ग में त्रिपुरा और झारखंड के बीच में हुआ। इसमें झारखंड की साबिया खानम ने मुकाबला जीत लिया। प्रतिद्वंद्वी को भारी पंच लगाने पर रेफरी ने मैच को बीच में रोककर साबिया को विजेता घोषित किया। वहीं आसाम की पविलो बसूमेथ्री भी ऐसे ही विजेता बनीं। तीसरा मुकाबला केरल ओर उत्तरप्रदेश के बीच हुआ, जिसमें उत्तरप्रदेश की रिंकी शर्मा ने केरल की एलिजाबेथ सीनू को हराया। 57 से 60 किलोग्राम भारवर्ग में चंडीगढ़ की रितु ने ओड़िसा की खिलाड़ी को हराया। पांचवें मुकाबले में मणिपुर पर्विस कोनथूजाम ने दिल्ली की पारुल अधिकारी को 5-0 से हराया। छठा मुकाबला तेलंगाना और अरुणाचल प्रदेश के खिलाड़ियों के बीच हुआ। तेलंगाना की मनसा मतापर्थी ने अरुणाचल की रूंची डेरे को हरा दिया। तेलंगाना की मशहूर मुक्केबाज व यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप की रजत पदक निहारिका गोनेला ने बिहार की डॉली सिंह को हराया।
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शादी और दो बच्चों के बाद एक बार रुक गया था खेल : मीना रानी
फोटो : 99
प्रतियोगिता में रेलवे की तरफ से खेलने वाली पांच टाइम की नेशनल चैंपियन मीना रानी ने बताया कि व्यक्ति चाहे तो जीवन में दृढ़ इच्छा शक्ति से कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी मीना रानी दो बच्चों की मां है, लेकिन अब भी पूरे जोश के साथ रिंग में उतरती हैं। शादी और बच्चों के बाद एक बार खेलना छोड़ दिया था, लेकिन संघर्ष से वह फिर से रिंग में उतरी हैं। वह खिलाड़ियों को यही संदेश देना चाहती हैं कि अपने सपने पूरे करने के लिए खुद को मेहनत करनी होगी। घर और ड्यूटी के साथ भी खेला जा सकता है।
वहीं, लद्दाख से हिसार खेलने पहुंची राइजेन टीसोमो ने कहा कि लड़कियों के लिए खेल में आगे बढऩे की बहुत संभावनाएं हैं। अब वक्त पहले जैसा नहीं रहा। लोग अपने बच्चों को खेलने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और सरकार भी खेलों को बढ़ावा दे रही हैं। वह लद्दाख जाकर छोटे बच्चों को भी ट्रेनिंग देंगी।

मणिपुर व दिल्ली की खिलाड़ी आपस में भिड़ते हुए- संवाद- फोटो : Hisar

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