हरियाणा विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद से जननायक जनता पार्टी (जजपा) के कई विधायक व नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ ही विधानसभा से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसको लेकर पत्र जारी किए हैं। राज्यसभा की स्थिति साफ होने के बाद उन्होंने विधायक पद छोड़ा है। किरण चौधरी का वह समर्थन कर चुके हैं। कांग्रेस के पास आंकड़ा न होने के कारण किरण चौधरी का राज्यसभा जाना तय हो गया है और वोटिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बरवाला से विधायक जोगी राम सिहाग पर जजपा पहले ही भाजपा के पक्ष में रहने का आरोप लगा चुकी है। जजपा पहले ही जोगी राम सिहाग और राम निवास सुरजाखेड़ा को अयोग्य करार देने का पत्र विधानसभा अध्यक्ष को लिख चुकी है। भाजपा से सिहाग का टिकट तय माना जा रहा है। उकलाना से विधायक अनूप धानक, नरवाना से विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा, टोहाना से देवेंद्र बबली, गुहला चीका से ईश्वर सिंह और शाहबाद से रामकरण काला ने इस्तीफा दिया था।
सूत्रों के मुताबिक जोगी राम सिहाग का भाजपा की ओर से बरवाला से टिकट पक्की मानी जा रही है। जजपा की हालत और अपनी टिकट पक्की होने के बाद सिहाग ने पार्टी से इस्तीफा दिया है। लोकसभा चुनाव में विधायक जोगी राम सिहाग व राम निवास ने भाजपा के पक्ष में प्रचार किया था। हालांकि पार्टी से इन लोगों ने तब तक इस्तीफा नहीं दिया था, मगर पार्टी इन्हें कार्यक्रमों में नहीं बुलाती थी। अब जोगी राम ने इस्तीफा दे दिया है।
2019 में छोड़ी थी भाजपा
जोगी राम सिहाग 2019 में बीजेपी से टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर जजपा में शामिल हुए थे। 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार सुरेंद्र पुनिया को हराया था। हिसार की बरवाला विधानसभा सीट से जोगी राम सिहाग 45 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी। हरियाणा के हिसार जन्मे जोगी राम सिहाग किसान परिवार से आते हैं, वह 12वीं पास हैं।
पार्टी में बचे तीन विधायक
वहीं, रामकुमार गौतम भी लंबे समय से किनारा किए हुए हैं। लगता है कि ऐसे में 2019 में 10 विधायकों के साथ किंगमेकर बनी जजपा में अब केवल तीन विधायक ही रह गए जाएंगे। इनमें जींद के उचाना कलां से विधायक दुष्यंत चौटाला, उनकी मां बाढड़ा से विधायक नैना चौटाला व जुलाना से विधायक अमरजीत ढांडा है।