हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में नए सत्र से आरंभ हो रहे चिकित्सा विज्ञान से संबंधित कोर्सेज को लेकर अपनी व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत कर रहा है। इसी के तहत विश्वविद्यालय ने प्रोग्रेसिव मेडिकल केयर एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड हिसार की इकाई सेंट्रल मेडिकल सेंटर, मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल (सीएमसी) के साथ मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैडिंग (एमओयू) किया है।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि हिसार हरियाणा ही नहीं, बल्कि आसपास के प्रदेशों के लिए भी मेडिकल हब है। हिसार में प्रतिदिन हजारों की संख्या में अन्य राज्यों व शहरों से मरीज इलाज करवाने के लिए आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में इस वर्ष बीएससी नसिंर्ग, बीएससी लैबोरेट्री, बीएससी ऑपरेशन थियेटर टेक्नॉलाजी, जीएनएम तथा एएनएम नए कोर्स आरंभ किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में फार्मेसी, फिजियोथेरेपी, हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस तथा मनोविज्ञान विभागों में भी चिकित्सा से संबंधित कोर्स विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शोधार्थी तथा शिक्षक सीएमसी की विशेषज्ञता तथा संसाधनों का लाभ ले सकेंगे। इससे विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों का चिकित्सीय कौशल बढ़ेगा। विद्यार्थी सीएमसी में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग कर सकेंगे।
डा. रंजू पोपली ने भी इस एमओयू को दोनों संस्थानों के लिए अत्यंत लाभदायक बताया और कहा कि जीजेयू के साथ एमओयू सीएमसी के लिए भी गौरव की बात है। इस अवसर पर प्रो. अंजु गुप्ता, प्रो. सुमित्रा सिंह, डॉ. अर्चना कपूर तथा डॉ. जसप्रीत कौर उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय में ये हैं चिकित्सा से संबंधित कोर्स
प्रो. नमिता सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान से संबंधित क्लीनीकल साइकोलॉजी, बीएससी नर्सिंग, बी वोक पेशेंट केयर मैनेजमेंट, बी.वोक क्रिटीकल केयर मैनेजमेंट, बी.वोक पारा मेडिकल एंड हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन, इंटेग्रेटेड बीएससी ऑनर्स/ ऑनर्स विद रिसर्च-एमएससी मेडिकल इमेजिंग टेक्नॉलोजी, बैचलर इन मेडिकल लैबोरट्री टेक्नीशियन, बैचलर इन ऑपरेशन थियेटर टेक्नालॉजी, जीएनएम और एएनएम के अतिरिक्त इंटेग्रेटेड बीएससी ऑनर्स/ऑनर्स विद रिसर्च-योगा साइंस एंड थैरपी, एमबीए इन हेल्थ केयर, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन आरसीआई और डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड काउंसलिंग आदि कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इस एमओयू से इन कोर्सों के विद्यार्थियों को लाभ होगा।