हिसार। एक बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ का प्रदेश में असर लगातार 11वें दिन भी देखने को मिला। इस दौरान कई जिलों में बूंदाबांदी से लेकर हल्की बारिश हुई। इस कारण से दिन के तापमान में 11 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो 7 जून तक प्रदेश में बादलवाही व बारिश की गतिविधियां होंगी।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इन दिनों हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मौसम में बड़े पैमाने पर रिकॉर्ड तोड़ बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बार भीषण गर्मी और नौतपा व लू का नामोनिशान मिट गया है। इस बार मई महीने में एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ आते रहे और लगातार अपने असर से बादलवाही, तेज गति से हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियों होती रहीं।
वीरवार को भी प्रदेश के कई जिलों में बादलवाही से लेकर बूंदाबांदी व हल्की बारिश हुई। इस दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान 28.0 से 33.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से 11.0 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 17.0 से 21.0 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो सामान्य से 8.0 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया।
नौतपा का आठवां दिन भी रहा ठंडा
उधर वीरवार को नौतपा का आठवां दिन था, लेकिन यह भी ठंडा बीता। शुक्रवार को नौतपा का आखिरी दिन है। आईएमडी के अनुसार 1 मार्च से 31 मई के दौरान प्रदेश में 108.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई जबकि इस दौरान सामान्य बारिश 45 मिलीमीटर होती है। इस हिसाब से इस अवधि में सामान्य से 142 प्रतिशत अधिक बारिश हुई।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
मई की तरह जून में हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मौसम में उलटफेर देखने को मिलेगा। उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों पर एक कमजोर पश्चिमी 4 जून को सक्रिय होने से और अरब सागर पर एक कम दबाव का क्षेत्र तूफान में बदलने की संभावना है। इसके असर से 4 से 7 जून के दौरान हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में बादलवाही और सीमित स्थानों पर बूंदाबांदी की संभावना है। 8 जून से एक बार फिर से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होगी, लेकिन लू और भीषण गर्मी देखने को नहीं मिलेगी।