हिसार। कद्रदानों का स्वागत करते, उनसे बातें कर इठलाते रंग-बिरेंगे फूलों की दुनिया मन को सुकून दे रही थी। मौसम की मस्ती लेते खिलखिलाते फूलों संग सेल्फी, इनकी सुंदरता को निहारतीं आंखें और विविध किस्मों की खूबियों पर चर्चा..कुछ इसी तरह का माहौल एचएयू में शुक्रवार से शुरू हुए तीन दिवसीय पुष्प उत्सव में दिखा। फूलों की दुनिया की सैर करने के लिए पहले दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बच्चों के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
एचएयू के गेट नंबर चार पर आयोजित पुष्प उत्सव के कारण हर और रंगों का मेला लगा था। कोलियस, गुलदाउदी, बोनसाई और कैक्टस के विभिन्न किस्में बरबस ही लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही थी। परिवार संग पहुंचे लोगों ने इनके साथ सेल्फी ली और इनकी खासियत के बारे में जाना। गार्डनिंग के शौकीन पौधों को मोबाइल में कैद कर एक-एक किस्म के बारे में बारीकी से जानकारी ले रहे थे। पुष्प प्रदर्शनी में जीजेयू से 14 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है।
रंग बदला कोलियस किसी अचरज से कम नहीं
आशाराम ने बताया वे इस प्रदर्शनी के लिए पिछले एक साल से तैयारी कर रहे हैं। वे कोलियस पौधे को प्रदर्शनी में लाए हैं, जो एक साल में तैयार होता है। इसे पिछले साल जनवरी में लगाया था। मौसम के अनुसार यह पौधा रंग बदलता है। सर्दियों में इसकी पत्तियां गहरे लाल रंग की, गर्मियों में हल्के लाल व हरे रंग की हो जाती हैं। वहीं, संजय ने बताया कोलियस का पौधा 1500 रुपये में मिला है। अधिकतर पौधे कोलकाता की फूल मार्केट और बंगलूरू से लेकर आए थे। गुलदाउदी के पौधे 6 महीने पहले अगस्त में कटिंग के साथ लगाए गए। सुंंदरता की वजह से इनकी मांग ज्यादा है। इनकी कीमत 500 रुपये हैं।
सफेद सेनवाल की अधिक मांग
महावीर ने बताया कि वे सीजनल फूलों के पौधे लगाते हैं और जुलाई में पौधों की कटिंग से पौध तैयार करते हैं। 25 वैरायटी के करीब 2500 फूलदार पौधे हमारे पास हैं। सबसे ज्यादा गुलदाउदी के हैं। इनमें पीला, सफेद, भूरा, लाल, हल्का गुलाबी, गुलाबी-सफेद, नीला आदि रंग शामिल हैं। गुलदाउदी में सफेद सेनवाल की मांग ज्यादा है। मैं 18 साल से गार्डनिंग कर रहा हूं। घर में 35 साल पहले 20 वैरायटी से पौधे लगाने का काम शुरू किया था, जिनमें अधिकतर गेंदे के थे। किसान परिवार से होने के कारण बचपन से ही पौधे के प्रति लगाव रहा है। घर में फूलों के 50 पौधे हैं।
14 किस्मों के 60 तरह के पौधे शामिल
जेएसएल से प्रतिभाग कर रहे विकास कुमार ने बताया कि वह 8 साल से गार्डनिंग का काम कर रहे हैं। पुष्प प्रदर्शनी की सात श्रेणियों में भाग लिया है। प्रदर्शनी में 14 किस्मों के 60 तरह के पौधे शामिल हैं। मेरीगोल्ड, पाम, गुलदाउदी की सबसे ज्यादा मांग रहती है। कैक्टस के भी 50 तरह के पौधे हैं, जिनमें मल्टीकलर कैक्टस की अच्छी मांग है। 4 इंच के पौधे की कीमत 900 रुपये है जोकि 6 महीने में तैयार होता है। 10 फुट का बोनसाई का पौधा भी है , जिसकी कीमत करीब 30 हजार रुपये है।