अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने गांव रावतखेड़ा में पिता की हत्या करने के जुर्म में गांव के राजेश उर्फ छोटू को शुक्रवार को दोषी करार दिया। अदालत ने मृतक की पत्नी, पुत्रवधू और भतीजे को बरी कर दिया। अदालत दोषी को शनिवार को सजा सुनाएगी।
सदर थाना पुलिस ने इस बारे में 5 सितंबर 2015 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार वारदात वाले दिन रावतखेड़ा में जोहड़ के पास से गांव का 80 साल का बुजुर्ग हजारी लाल गायब हो गया था। वह सुबह जोहड़ पर घूमने गया था फिर लौटा नहीं। रावतखेड़ा के मोहन जांगड़ा ने पुलिस को शिकायत देकर कहा था कि हम पांच भाई हैं। हजारी सबसे बड़े थे। वह बीते दिन जोहड़ की तरफ घूमने गए थे कि लौटे नहीं। उन्हें शक है कि हजारी का उसके बेटे राजेश उर्फ छोटू ने कुछ अन्य के साथ मिलकर अपहरण कर लिया है। सदर थाना पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर नामजद राजेश को अगले दिन गिरफ्तार किया था।
पकड़े गए बेटे ने बताया, कर दी हत्या
पुलिस ने आरोपी राजेश को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हो गया। उसने बताया था कि उसने पहले अपने पिता हजारी का अपहरण किया। उसके बाद उसे पिकअप में डालकर एक ढाणी में ले जाकर डंडे से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी और फिर शव को वहीं तूड़ी में छुपा दिया। उसने बताया था कि उसने संपत्ति के विवाद को लेकर पिता हजारी की हत्या की। पुलिस ने मौके पर जाकर शव बरामद कर मृतक के बेटे राजेश, पत्नी सोना, पुत्रवधू पूजा और भतीजे श्यामलाल को गिरफ्तार किया था। अदालत ने राजेश को दोषी मानकर बाकी तीन आरोपियों को बरी कर दिया।