चरखी दादरी। केंद्र सरकार जब तक संसद में तीन कृषि कानून वापस लेने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं करती किसान और मजदूर पीछे नहीं हटेंगे और धरने जारी रखेंगे। यह बात शनिवार को दादरी से निर्दलीय विधायक और सांगवान खाप के प्रधान सोमबीर सांगवान ने कितलाना टोल पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन का मुख्य मकसद तीन कानून रद्द करवाने के साथ किसानों को एमएसपी की गारंटी दिलवाना है जो अभी बाकी है।
सांगवान खाप के सचिव नरसिंह सांगवान डीपीई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान और मजदूरों के मजबूत इरादे देखते हुए तीन कृषि कानून रद्द करने की घोषणा करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शहादत देने वाले किसानों के लिए सरकार द्वारा विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए। आंदोलन के दौरान किसानों पर खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे निरस्त होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजली संशोधन विधेयक भी सरकार को वापस लेना होगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चल रहे कितलाना टोल धरने पर 329वें दिन की अध्यक्षता सांगवान खाप 40 से नरसिंह सांगवान डीपीई, श्योराण खाप से बिजेंद्र बेरला, फौगाट खाप 19 से धर्मबीर समसपुर, किसान सभा से ओमप्रकाश दलाल, चौगामा खाप से मीरसिंह निमड़ीवाली, युवा कल्याण संगठन से राजू गोरीपुर, श्योराण खाप 52 से ईश्वर बिसलवास, महिला नेत्री विद्या देवी, कमला बिलावल व ओमली ने संयुक्त रूप से की। उन्होंने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इस जीत का श्रेय उन्हीं को जाता है, उनकी कुर्बानी रंग लाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ये काले कानून वापस लेने पड़े। मंच संचालन अध्यक्ष मंडल के सदस्य सुखदेव पालवास ने किया।
धरनास्थल पर ये भी रहे मौजूद
धरनास्थल पर सूरजभान सांगवान, सुरेंद्र कुब्जानगर, राजू मान, दिलबाग नीमड़ी, राजकुमार हड़ौदी, सत्यवान कालुवाला, प्रताप सिंह, जागेराम डीपीई, ईश्वर कोंट, बलवीर बजाड़, दिलबाग सिंह, जगदीश झोझू, सुल्तान खान, बलवान सिंह, जयपाल जांगड़ा, दिलबाग ढुल, रणसिंह नीमड़ीवाली, सब्बीर खान, शमशेर नंबरदार, राजेंद्र जांगड़ा, कर्ण सिंह, सुरेंद्र, रामानंद व सूबेदार सत्यवीर आदि मौजूद रहे।