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एचएयू कैलेंडर विवाद: डॉ. विनय का तबादला वापस लेने लिए गेट नंबर 4 पर डाला किसानों ने पड़ाव, घेराव का एलान

Tue, 08 Feb 2022 09:58 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)

सार

किसानों ने मांग पूरी कराने के लिए अनशन व धरना शुरू किया है। किसानों ने एलान किया कि 10 फरवरी को कुलपति कार्यालय का घेराव करेंगे।
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धरने पर बैठे किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा कि हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) का कैलेंडर विवाद अभी सुलझा नहीं है। किसानों के एक मांग पूरी हुई है, जबकि डॉ. विनय महला का तबादला वापस नहीं करने पर मंगलवार को किसानों ने एचएयू के 4 नंबर गेट पर पड़ाव डाल प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ किसान दिन में अनशन पर बैठे वहीं, देर रात किसानों ने तंबू गाड़ने का प्रयास किया। जनवादी महिला समिति, खेत मजदूर यूनियन व विद्यार्थी संगठनों ने धरने का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा और 10 फरवरी को कुलपति कार्यालय का घेराव किया जाएगा। 

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पिछले सप्ताह किसान व सामाजिक संगठनों की एचएयू कुलपति प्रो. बीआर कांबोज से हुई बातचीत में कैलेंडर में बदलाव और 7 फरवरी तक असिस्टेंट साइंटिस्ट डॉ. विनय महला का तबादला हिसार करने पर सहमति बनी थी। सोमवार को जब किसानों ने बातचीत की तो फिर से समय मांगा गया। इस पर किसानों ने कहा कि जब तक डॉ. विनय महला का तबादला वापस हिसार नहीं हो जाता, धरना जारी रहेगा।

धरने के पहले दिन रीमन नैन, नरेंद्र खरड़, राजीव मलिक, बलराज, हनुमान जोहर, रामफल लाडवा, सरदार कृष्ण पाली, अजय व मांगेराम एक दिन के अनशन पर बैठे। किसान संगठनों का कहना है कि अगर उनकी बात नहीं मानी जाती है तो उनका अनशन लगातार जारी रहेगा। किसान नेता कुलदीप खरड़, एडवोकेट अर्शदीप ने बताया कि एचएयू प्रशासन अपनी बातों से पीछे हट रहा है।  मांग पूरी होने तक 4 नंबर गेट के आगे अनिश्चितकालीन धरना रहेगा।
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डॉ. विनय महला ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में यूनिवर्सिटी के बाहर की कमेटी का गठन करके दोषियों को सजा हो। इसी मांग का दिग्विजय चौटाला भी समर्थन दे चुके हैं। शमशेर सिंह नंबरदार, सूबे सिंह बूरा, राजकुमार ठोलेदार, दयानंद ढुकिया ने कहा कि मांग को नहीं माना गया तो वीरवार को कुलपति कार्यालय का घेराव करेंगे।

इस मौके पर सतबीर धायल, सूबे सिंह बूरा, दिलबाग हुड्डा, रणधीर बामल, राजकुमार ठोलेदार, अन्नू सूरा, दयानंद ढुकिया, अजय, धोला जेवरा, नरेश भ्याण, विरेंद्र बामल, सुभाष फौजी, प्रदीप सरसौद, विजय भांभू आदि मौजूद रहे। 

एचएयू प्रशासन का पक्ष

प्रशासन को 31 जनवरी की शाम को मामला संज्ञान में आते ही तुरंत प्रभाव से छोटे कैलेंडर छपवा दिए गए। 7 फरवरी तक नए बड़े साइज के कैलेंडर तैयार करा दिए गए हैं। इस मामले की जांच के लिए अनुसंधान निदेशक डॉ. राम निवास ढांडा की अगुवाई में जांच की जा रही है। डॉ. विनय महला के तबादले का कैलेंडर से कोई संबंध नही है। डॉ. विनय महला का तबादला 25 जनवरी को हुआ था। यह मुद्दा 31 जनवरी को उठा।

कृषि अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. डीपी मलिक ने 20 जनवरी को उनसे पूछा कि 19-20 तारीख को अधिष्ठाता औचक निरीक्षण के दौरान वह कार्यालय में मौजूद नहीं थे और न ही उनके द्वारा टूर प्रोग्राम दिया गया था। इससे पहले स्कीम इंचार्ज डॉ. पवन कुमार ने 4 मई 2019 को लिखित में धमकाने व कार्य न करने की शिकायत दी थी।

जिस कारण 2 अगस्त 2019 को उनका तबादला एचएयू से केवीके अंबाला कर दिया गया था। सामान्य प्रक्रिया से उनका एवं दो अन्य शिक्षकों का तबादला हुआ था। कार्यवाहक कुलपति के कार्यकाल के 9 महीने में 55 शिक्षकों का तबादला बाहरी केंद्रों पर किया। वर्तमान कुलपति के 9 महीने में केवल 9 शिक्षकों का जरूरत के हिसाब से तबादला किया। 

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