हरियाणा के हिसार में संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठनों ने सोमवार को लघु सचिवालय का घेराव कर दिया। केंद्र सरकार पर मांगों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए विश्वासघात दिवस मनाया। किसान करीब तीन घंटे लघु सचिवालय के गेट पर डटे रहे। इस दौरान किसानों ने सरकार का पुतला भी फूंका। हालांकि सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
श्रंद्धानंद राजली, सूबेदार रणबीर मलिक, शमशेर सिंह नंबरदार, समुंद्र नंबरदार, सोमबीर पिलानियां, सीमा जुगलान, राजपति भगाना ने बताया कि संयुक्त मोर्चा ने 31 जनवरी को विश्वासघात दिवस मनाने का एलान किया था। इसके तहत सोमवार को किसान प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने मुख्य द्वार को बंद करा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी किसान सरकार का पुतला लेकर गेट पर ही बैठ गए। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना आक्रोश जाहिर किया।
किसान सभा के जिला अध्यक्ष शमेशर सिंह नंबरदार ने कहा कि किसान आंदोलन खत्म करने के समय कुछ मांगों पर सहमति बनी थी, जिसमें किसानों पर बने सभी केस खत्म करने पर फैसला हुआ था। प्रदेश सरकार ने अब तक इन मुकदमों को वापस नहीं लिया है। एमएसपी तय करने के बारे में भी अब तक काम नहीं किया गया। किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों को मुआवजा देने के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।
किसान नेताओं ने बताया कि अगर जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो 7 फरवरी को करनाल में सीएम आवास का घेराव करने जाएंगे। इस मौके पर संदीप सिवाच, कुलदीप खरड़, रीमन नैन खेदड़, महेंद्र सिंह पिलानिया, राजू भगत, सूबेसिंह बूरा, दिलबाग हुड्डा लुदास, दशरथ मलिक, विकास, सुदेश गोयत, शकुंतला जाखड़, नरेश भ्याण, धोला जेवरा, रघुबीर लुदास, सुरेश कुमार, रामकुमार, सुधीर, जग्गी, सतबीर, विजय, रामबीर, रणधीर, राजीव, बलराज आदि मौजूद रहे।