हांसी। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की ओर से एक टॉक शो में 15 अगस्त 1947 को मिली आजादी को भीख में मिली आजादी बताने पर किसानों में रोष है। मंगलवार को किसानों ने लघु सचिवालय के सामने अभिनेत्री का पुतला फूंका।
नारनौंद प्रकरण को लेकर किसानों का लघु सचिवालय के सामने धरना 9वें दिन जारी रहा। किसान नेता राजेश ने कहा कि देश को आजाद कराने के लिए अपनी जान न्योछावर करने वालों का मजाक उड़ाने वाली अभिनेत्रियों का भाजपा सरकार सम्मान कर रही है। ऐसी अभिनेत्री को पद्म सम्मान दिया जा रहा है, जिसका किसान यूनियन कड़े शब्दों में निंदा करती है। आजादी के लिए भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, खुदीराम बोस, रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय समेत अन्य क्रांतिकारियों ने अपनी कुर्बानियां दी। महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस जैसे हजारों देशभक्तों ने सालों तक जेल काटी। इन सब के प्रयासों के बाद अंग्रेज 15 अगस्त 1947 को भारत छोड़ने पर मजबूर हुए थे।
सस्ती लोकप्रियता के लिए देश की अखंडता को पहुंचाई चोट
किसान नेता दशरथ मलिक ने कहा कि कंगना रनौत ने सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए जानबूझकर देश की अखंडता और एकता को चोट पहुंचाने वाला बयान दिया है। देश के लिए जान गंवाने वाले शहीदों के प्रति नफरत फैलाने का काम किया है। कंगना ने देश व शहीदों की अवमानना, अपमान करने का काम किया है। कंगना रनौत के खिलाफ सीधा-सीधा राजद्रोह और शहीदों व देश का अपमान का मामला बनता है।