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वकीलों के धरने पर पहुंचे बलदेव सिंह, अभिमन्यु कोहाड़, धर्मेंद्र मलिक

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हिसार। वर्तमान किसान आंदोलन अकेले जमीन बचाने के लिए नहीं, बल्कि अब यह आंदोलन देश और लोकतंत्र को बचाने का है। ये बात किसान आंदोलन के समर्थन में जारी वकीलों के धरने के 6 महीने पूरे होने पर भारतीय किसान यूनियन के सिरसा अध्यक्ष बलदेव सिंह और राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के युवा प्रधान अभिमन्यु कोहाड व धर्मेंद्र मालिक ने सोमवार को धरनारत वकीलों के बीच पहुंचकर कही।
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किसान नेताओं ने कहा कि जिस दिन किसान आंदोलन का इतिहास लिखा जाएगा, उस दिन हिसार बार के वकीलों का योगदान स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। किसान नेताओं ने देश व प्रदेश के अन्य वकीलों से भी किसान आंदोलन के समर्थन में धरने लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कानून अगर लागू हो गए तो देश दोबारा से बड़ी-बड़ी बहु राष्ट्रीय कंपनियों का गुलाम हो जाएगा। धरने पर किसान नेताओं का हिसार बार के सीनियर वकीलों द्वारा स्वागत किया गया और आंदोलन में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया गया। सोमवार को धरने में अधिवक्ता जेएस मल्ही, पीसी मित्तल, जगदीश राय बिश्नोई, लाल बहादुर खोवाल, गंगाराम, अजीत श्योराण, प्रदीप बाजिया, मोहित अरोड़ा, अनेंदर लौरा, राजेश कालीरामना, महेंद्र डूडी, भूपेंद्र पन्नू, नवीन पूनिया, राजेश धंजल, राजपाल मलिक, सम्मत सिंह यादव, कमल सहरावत, अमला देवी, सोमदत्त शर्मा, विक्रम मित्तल, राजेंद्र सिंह संधू, श्वेता शर्मा, अर्जुन सिंह राणा, राजबीर पूनिया, सतेंद्र घनघस, हर्षदीप गिल, मनजीत नैन, संदीप श्योराण, अजीत सिंह ढांडा, विनोद कसवां, सुंदर बैनीवाल, राजेश जाखड़, सीआर वर्मा, हिमांशु आर्य, रेहन गुप्ता, विपिन सलेमगढ़, अजय कुलाना, मंजू सिहाग, राजबीर मोर, राजबीर पूनिया, सुमित फोगाट, सीमा बलौदा, रत्तन पन्नू व अन्य वकील और किसान नेता शमशेर नंबरदार, कुलदीप खरड़, सूबे सिंह बूरा, सतबीर जाखोद, रमेश सैनी आदि मौजूद रहे।
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