सिरसा। ऐलनाबाद उपचुनाव में इस बार मुख्य मुद्दा तीन कृषि कानून हैं। इनको लेकर ज्यादातर पार्टियां मैदान में उतर रही हैं। इसी बीच बुधवार को एक निजी होटल में प्रेस कांफ्रेंस कर हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने विकल पचार को अधिकारिक तौर पर उम्मीदवार घोषित कर दिया। विकल पचार 8 अक्तूबर को नामांकन दर्ज करेंगे। दूसरी तरफ संयुक्त किसान मोर्चा ने विरोध जताते हुए विकल पचार की उम्मीदवारी पर कहा है कि उनसे हमारा कोई लेनादेना नहीं है।
हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान नेता विकल पचार, रामनिवास भादू अध्यक्ष हलका डबवाली, कालांवाली ब्लाक के प्रधान सतपाल नंबरदार, संयोजक जगबीर घसोला, एमएसपी संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप धनखड़, भूमि बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप धनखड़ और भारतीय किसान यूनियन किसान सरकार के अध्यक्ष सुखदेव सिंह एकत्रित हुए। इस मौके जगबीर घसोला ने कहा कि किसानों की आवाज उठाने के लिए किसान को ही विधानसभा में भेजना होगा। इसलिए अब अपना उम्मीदवार मैदान में उतार रहे हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा से अपील की गई थी कि वे अपने स्तर पर किसान उम्मीदवार घोषित करें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ने कहा कि यदि अब भी संयुक्त किसान मोर्चा अपना प्रतिनिधि मैदान में उतारेगा तो हम उसे समर्थन देंगे।
दूसरी ओर कालांवाली में आयोजित किसान महापंचायत के दौरान किसान नेताओं ने विकल पचार की उम्मीदवारी पर कहा कि उन्हें संयुक्त किसान मोर्चा का कोई समर्थन नहीं है। इनेलो नेता अभय सिंह चैटाला के चुनाव लड़ने के सवाल पर किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के समर्थन में उन्होंने इस्तीफा दिया था। अब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। बावजूद इसके वे खुद चुनाव लड़ रहे हैं। उन्हें किसान प्रत्याशी का समर्थन करना चाहिए और खुद चुनाव लड़ने का फैसला बदलना चाहिए।
ये किसान धर्मयुद्ध है और हर किसान योद्धा : धनखड़
एमएसपी संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप धनखड़ ने कहा कि किसानों का प्रतिनिधि जो भी मैदान में आएगा वह योद्धा बनकर लड़ेगा। अगर संयुक्त मोर्चा अपना उम्मीदवार उतारता है तो हमारा उम्मीदवार ऐलनाबाद उपचुनाव से अपना नाम वापस लेगा। उन्होंने कहा कि अगर किसान एकजुट होगा तो पूरे देश में संदेश जाएगा। जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते किसानों को अपने हकों के लिए लड़ना होगा। किसानों का किसी राजनीतिक परिवार ने आज तक भला नहीं किया।
हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा फैसले लेने के लिए स्वतंत्र : पचार
किसान नेता विकल पचार ने कहा कि पंजाब, उत्तरप्रदेश मिशन की तरह ऐलनाबाद मिशन भी चलाया जाना चाहिए। संयुक्त मोर्चा इस पर कुछ भी नहीं बोल रहा। हरियाणा के किसान लगातार संघर्ष से जुड़ रहे हैं। संयुक्त मोर्चा के फैसला नहीं लेने पर हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है।