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सुविधाएं बढ़ाई, बस लोग लापरवाही छोड़ एहतियात बरतें लोग

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हिसार। जिले में कोरोना संक्रमण के केस लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन हालात चिंताजनक नहीं है। इस समय लोग लापरवाही छोड़ अगर एहतियात बरतते हैं तो कोरोना पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। यह बात पीएमओ डॉ. गोविंद गुप्ता ने संवाददाता से विशेष बातचीत में कही। पीएमओ ने कहा कि जिले में अभी कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, लेकिन ज्यादातर मरीज घर रहकर ही स्वस्थ हो रहे हैं। वहीं तीसरी लहर में संक्रमित होने वालों मरीजों में बहुत हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं।
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सवाल : तीसरी लहर के लिए हम कितने तैयार हैं?
जवाब : तीसरी लहर के लिए तैयारियां पूरी है। मरीजों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर सुविधाएं बढ़ा दी जाएगी। जिला नागरिक अस्पताल पूरी तरह से तीसरी लहर के लिए तैयार है।
सवाल : कितने कुल बैड, कितने ऑक्सीजन बैड, कितने वेंटिलेंटर बैड उपलब्ध हैं ?
जवाब : नागरिक अस्पताल में 100 ऑक्सीजन बेड, 20 वेंटिलेटर हैं, जिसमें 8 बच्चों के लिए, 12 बड़ों के लिए आरक्षित हैं।
सवाल : पिछली लहर के मुकाबले क्या-क्या संसाधन बढ़ाए गए ?
जवाब : ऑक्सीजन सप्लाई पर्याप्त है। दूसरा ऑक्सीजन प्लांट जल्द ही शुरू होने वाला है। वहीं इस बार बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए तैयारियां ज्यादा की गई हैं।
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सवाल : पिछली लहर के मुकाबले कोरोना में अब किस तरह का बदलाव है?
जवाब : इस बार संक्रमित मरीजों में बहुत हल्के लक्षण मिल रहे हं। पॉजिटिव मरीजों में नार्मल खांसी-जुकाम या कम बुखार जैसे लक्षण ज्यादा मिल रहे हैं। तीसरी लहर कम खतरनाक साबित हो रही है। ज्यादातर संक्रमित मरीजों होम आइसोलेट किए गए हैं। तीसरी लहर में अस्पताल में भर्ती होने वाले केवल 2 से 3 प्रतिशत मरीज ही है।
सवाल : टीकाकरण के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे, ऐसे में लोगों का टीके पर विश्वास कम तो नहीं हो रहा?
जवाब : टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। क्योंकि टीकाकरण से संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। अगर कोई संक्रमित हो भी जाते है तो उसे खतरा नहीं है।
सवाल : टीके लगने के बाद कोरोना होने से खतरा कितना कम हो जाता है, क्या इस बार मृत्यु दर कम हो गई, क्या हम हार्ड इम्युनिटी की ओर से बढ़ रहे हैं?
जवाब : वैक्सीनेशन से कोरोना संक्रमण का खतरा कम हो गया है। तीसरी लहर की बात करें तो देखा जा सकता है खतरा काफी कम हो गया है। संक्रमित मरीज घर पर रहकर इलाज ले रहे हैं। संक्रमित मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नही पड़ रही। वही तीसरी डोज भी लगवा सकते हैं।
सवाल : इस बार लक्षण बेहद कम हैं कैसे पहचानें, कौन लोग टेस्ट कराने आएं?
जवाब : सर्दी-जुकाम होने पर सैंपलिंग अवश्य करवा लें। अगर संक्रमित है तो इलाज समय पर शुरू कर सकते हैं। वही संक्रमण को फैलने से भी रोका जाएगा। लक्षण कम है इसका मतलब ये नहीं है कि उन्हें इग्नोर करें।
सवाल : इस बार 60 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हो चुके हैं, सबसे अधिक सावधानी बरतने के बाद भी कैसे संक्रमित हो रहे?
जवाब : स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन इस बीच एक अच्छी बात यह भी है कि सभी स्वास्थ्यकर्मी जल्द ठीक होकर लौट रहे हैं। तीसरी लहर में ज्यादा दिक्कत का सामना नही करना पड़ रहा।
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सवाल : आम लोग किस तरह से सहयोग करें, आपकी ओर से क्या अपील है?
जवाब : कोरोना से बचने को बेहतर उपाय सावधानी बरतना है। जनता से अपील है मास्क पहनें, भीड़भाड़ वाले इलाके में ना जाएं, टीकाकरण अवश्य करवा लें।
सवाल : तीसरी लहर की पीक कब तक आएगी?
जवाब : अभी इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
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