हरियाणा में 10 लोकसभा सीटें हैं। राज्य की 10 लोकसभा सीटों में नौ पर बीजेपी-कांग्रेस में सीधी टक्कर देखने को मिल रही थी। केवल हिसार सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय था। 2014 के चुनाव में 34 प्रतिशत वोट शेयर के साथ सात सीटें जीतने वाली बीजेपी ने 2019 पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़ा था। जिसके कारण भाजपा हरियाणा में 10 की 10 सीटों पर जीत का प्रचम लहराने में कामयाब रही थी।
एग्जिट पोल 2019 में हरियाणा भाजपा को छह से आठ सीटें मिल रही थी तो कांग्रेस दो-चार की स्थिति में खड़ी थी। लेकिन चुनाव के परिणामों ने सबको दंग कर दिया था। हरियाणा के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा को बड़ा झटका लगा था। वहीं, कुछ एक्जिट पोल से साफ संकेत दिए थे कि रोहतक में कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा के लिए राह आसान नहीं होगी। क्योंकि उनकी टक्कर भाजपा प्रत्याशी अरविंद शर्मा से थी।
लोकसभा चुनाव 2019 के अधिकतर एग्जिट पोल ने भाजपा को सत्ता में आते हुए दिखाया था। एग्जिट पोल में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलता दिखया गया था। वहीं खासतौर पर कांग्रेस के लिए एग्जिट पोल नतीजे बेहद निराशाजनक थे। 2024 की तरह 2019 में विपक्ष गठबंधन 'इंडिया' का अस्तित्व नहीं था बल्कि तमाम विरोध दल यूपीए के तहत चुनाव में उतरे थे। हालांकि, कुछ दल ऐसे भी थे जो किसी गठजोड़ का हिस्सा नहीं बने थे।
दो एग्जिट पोल को छोड़ दें तो अमूमन हर एग्जिट पोल में भाजपा और सहयोगियों को 300 पार दिखाया गया था। कांग्रेस तीन अंकों तक पहुंचने में भी नहीं दिखाई गई थी। हर एग्जिट पोल में यूपीए को 100 से ज्यादा सीटों तक पहुंचते दिखाया गया था। 2019 के सभी एग्जिट पोल में यूपीए को 100 से 120 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। भाजपा के बाद सबसे ज्यादा सीटें हासिल करने वाले दूसरी बड़ी पार्टी कांग्रेस बताई गई थी।