महाविद्यालयों में कार्यरत काफी शिक्षकों की पीएचडी की डिग्री फर्जी मिलने के बाद अब प्रदेश सरकार अलर्ट हो गई है। सरकार ने सभी विभागों से पीएचडी धारकों की डिग्री का ब्योरा तलब किया है। इसमें स्कूली शिक्षा विभाग भी शामिल है। बता दें कि कई विभागों में पीएचडी डिग्री धारक को वेतन में बढ़ोतरी जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इनमें उच्चतर शिक्षा विभाग का नाम सबसे पहले
आता है। इसी वेतन बढ़ोतरी को पाने के लिए कई कर्मचारी फर्जीवाड़े से भी पीएचडी की डिग्री हासिल कर रहे हैं।
स्कूली शिक्षा में पीएचडी डिग्रीधारक को नहीं मिलता कोई फायदा
सरकार ने स्कूलों में कार्यरत पीएचडी धारक शिक्षकों की डिग्री का ब्योरा मांगा है, ताकि उसकी जांच की जा सके। हालांकि स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को पीएचडी डिग्री हासिल करने के बाद वेतन संबंधी कोई फायदा नहीं मिलता। शिक्षक संगठन काफी समय इस मांग को उठा रहे हैं।
ज्यादातर ने ओपीजेएस चुरू से की डिग्री
जिन शिक्षकों की डिग्री फर्जी मिली हैं, उनमें से ज्यादातर ने ओपीजेएस चुरू से पीएचडी की है। इसके अलावा सनराइज विश्वविद्यालय, सिंघानिया विश्वविद्यालय, कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर से पीएचडी की है।
जानकारी भेज दी है
हमसे पीएचडी डिग्री धारकों की डिग्री को लेकर जानकारी मांगी गई थी, जो हमने उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
- अनिल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार।