हिसार। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक असर से जिले में वीरवार शाम को 16 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलीं। कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी भी हुई। अंधड़ और आंशिक बादलवाई के कारण तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस से ज्यादा की गिरावट आई।
नारनौल आईएमडी के सब सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक असर से अंधड़ व बूंदाबांदी हुई है। शुक्रवार को पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो जाएगा। साथ ही हवाओं की दिशा बदलकर पश्चिमी हो जाएगी। पश्चिम की तरफ से आने वाली गर्म हवाओं के असर से दोबारा से तापमान में बढ़ोतरी होगी। हालांकि 18 अप्रैल को एक और पश्चिमी विक्षोभ सिस्टम बनेगा। मगर इसका असर पहाड़ी क्षेत्रों में ही रहेगा।
वीरवार सुबह से ही हल्के बादल छाए हुए थे। मगर दोपहर तक मौसम साफ हो गया और तीखी धूप ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया। दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और शाम करीब साढ़े चार बजे धूल भरी आंधी चलने लगी। आंधी के चलने से लोगों को खासतौर पर दुपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि अंधड़ के कारण तापमान में 5.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और यह 35.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे पहले दिन का अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री ऊपर रहा।
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जिले में यहां-यहां आया अंधड़ -
शहर के पास स्थित बहबलपुर गांव व बालसमंद में आंधी के साथ बूंदाबांदी भी हुई। वहीं हांसी, सिवानी, अग्रोहा व नारनौंद में आंधी आई।