हिसार। नागरिक अस्पताल में जून माह में दिव्यांगता प्रमाण पत्र में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अभी तक फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि जांच कमेटी 10 दिन पहले अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप चुकी है। रिपोर्ट मेें सिफारिश भी की गई कि जिन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र बनाए है उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए, लेकिन अभी तक सीएमओ कार्यालय की तरफ से कोई विभागीय कार्रवाई तक नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार पिछले जून माह में दिव्यांगता प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ था। मामला उजागर होने के बाद सीएमओ ने चार चिकित्सकों की कमेटी बनाई थी। कमेटी ने जब फार्मों की जांच की तो उसमें सात फार्म फर्जी पाए गए। जिन पर चिकित्सकों की मुहर और हस्ताक्षर थे। इन सात फार्मों में दो शिक्षा विभाग के कर्मचारी है। इन सात फार्मों में नेत्र, ईएनटी, हड्डी रोग विशेषज्ञ के फर्जी हस्ताक्षर मिले थे। एक फार्म पर मेडिकल कॉलेज अग्रोहा के ईएनटी विभाग की मुहर और चिकित्सक के हस्ताक्षर भी मिले थे। कमेटी द्वारा जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट में ये भी लिखा कि फर्जी प्रमाण पत्र बनाने और बनवाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। लेकिन, अभी तक फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
कमेटी ने जांच रिपोर्ट सौप दी है। रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। हर पहलू को ध्यान से देखा जा रहा है। उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रत्ना भारती, सीएमओ, नागरिक अस्पताल