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Hisar News: दुष्कर्म के आरोपी बिश्नोई महासभा के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया को जमानत, अगली सुनवाई 24 अक्तूबर को

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हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) सुनील जिंदल की अदालत ने शुक्रवार को दुष्कर्म के आरोपी अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया को जमानत दे दी। इस मामले में अगली सुनवाई 24 अक्तूबर को होगी।
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अदालत में बूड़िया के वकील ने पीड़िता के बयानों में विरोधाभास और उसके द्वारा अब तक फोन पर संपर्क कर ब्लैकमेल किए जाने का तर्क देकर जमानत देने की मांग की। इन बिंदुओं पर दोनों पक्षों के वकीलों के बीच करीब एक घंटे तक चली बहस के बाद अदालत ने बूड़िया की जमानत मंजूर कर ली। बूड़िया के खिलाफ आदमपुर थाने में 24 जनवरी 2025 को 20 वर्षीय युवती ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में 2 फरवरी 2024 और इसके बाद अगस्त और सितंबर में दुष्कर्म किए जाने का हवाला दिया था। अदालत में जब चालान पेश किया गया तो वह इन तारीखों से मुकर गई और कहा कि 15 मार्च, 2 जून और 21 अक्तूबर 2024 को उससे दुष्कर्म किया गया। बचाव पक्ष ने आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताया और कहा कि पीड़िता ने 2 फरवरी 2024 को चंडीगढ़ में दुष्कर्म का आरोप लगाया है, जबकि उस दिन देवेंद्र बूड़िया वहां गए ही नहीं थे। बूड़िया के वकील ने कहा कि उसके मुवक्किल की दो बार तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। अब भी वह उपचाराधीन है।

1912 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी
पुलिस ने बूड़िया के खिलाफ 10 सितंबर को 1912 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें 45 गवाह, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, सीसीटीवी फुटेज, होटल कर्मियों के बयान और डिजिटल साक्ष्य शामिल हैं। चार्जशीट में बताया कि जयपुर के एक फ्लैट और चंडीगढ़ के होटल में देवेंद्र बूड़िया और पीड़िता साथ-साथ मौजूद थे। पीड़िता के मोबाइल से मिले वीडियो और फोटो भी सबूत के रूप में जोड़े गए हैं। आरोपी के मोबाइल से डाटा रिकवरी भी की गई है। देवेंद्र बूड़िया को हिसार पुलिस ने 29 जून 2025 को राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उसे तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। आरोपी ने निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक अग्रिम जमानत की अर्जी दी, लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली।
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