हिसार। स्कूलों में दाखिलों का दौर शुरू होने वाला है। अभिभावक मान्यता-गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के चयन में किसी तरह की उलझन में न रहे, इसके लिए हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। हाईकोर्ट ने शिक्षा निदेशालय को जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के जरिए अगले 72 घंटे में सभी जिलों में मान्यता व गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की सूची बनाने को कहा है। ऐसा नहीं होता है तो 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, खंड शिक्षा कार्यालय में मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की सूची चस्पा करनी होगी। ताकि पता रहे कि जिले में कौन से निजी स्कूल मान्यता प्राप्त और कौनसे गैर-मान्यता प्राप्त है।
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में जिले में 895 सरकारी स्कूल व 789 निजी स्कूल पंजीकृत हैंं। निजी स्कूलों में 33.75 लाख व सरकारी स्कूलों में 2.17 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। सरकारी स्कूल की तुलना में निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक होती है। अधिक से अधिक अभिभावकों-विद्यार्थियों को मान्यता-गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के बारे में पता लग सके इसके लिए हाईकोर्ट ने शिक्षा निदेशालय को सूची बनाने के निर्देश दिए थे। निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अगले 3 दिन में यह कार्य पूरा करने को कहा है।
अभिभावक इन बातों का रखें ध्यान
- अपने क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जाकर संबंधित निजी स्कूल की प्रमाणिकता जान सकते हैं। शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी रहेगी कि अभिभावकों सभी जिज्ञासाओं को शांत करें।
-हर निजी स्कूल का यूडीआईडी नंबर होता है, जिसमें संबंधित स्कूल में सुविधाओं से लेकर फीस व शैक्षिक ढांचे का विवरण होता है। स्कूल का यूडीआईडी नंबर खंगालकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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मुख्यालय की ओर से आदेश मिले हैं कि निजी स्कूलों की कुंडली खंगाले और रिपोर्ट करें। सभी बीईओ को आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही मान्यता व गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चस्पा करने के आदेश दिए हैं।
- वेद सिंह दहिया, कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार।