दंगल के विजेताओं को सम्मानित करते आयोजक।
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कोरोना वायरस से बचाव को लेकर प्रदेश सरकार ने सभी बड़े सरकारी व निजी कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगा दी है। मगर इसके बावजूद ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को गांव सिसाय में दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यही नहीं प्रतियोगिता में विदेशी पहलवान ने भी भाग लिया। इस बारे में जब खेल विभाग से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विभाग की तरफ से नहीं किया गया और न ही इसके लिए उनसे कोई अनुमति ली गई। वहीं प्रतियोगिता के आयोजक के मुताबिक कार्यक्रम में काफी कम लोगों ने भाग लिया।
गांव सिसाय में 15वां अंतरराष्ट्रीय पद्मश्री दंगल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुरेंद्र कालीरमन, रॉबिन खलीफा, प्रदीप जग्गल, धर्मपाल जैन, बिजेंद्र राणा और कुलबीर सिसाय विशेष रूप से उपस्थित हुए। प्रतियोगिता में विजेताओं को एक-एक लाख रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। महिलाओं की कुश्ती में सिसाय निवासी पूजा सिहाग विजेता रहीं, वहीं पुरुषों का मुकाबला बराबरी पर रहा जो कि ईरान के अब्दुल रज्जाक और भारत के प्रीत सिंह इंदिरा के बीच हुआ। एआईटीएमसी के अध्यक्ष ट्रस्टी व समाजसेवी दीप सिसाय ने कहा कि कार्यक्रम का आयोजन पहली बार 15 साल पहले दंगल की भावना को जीवित रखने के उद्देश्य से किया गया था। सिसाय के सरपंच ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, उन्हें आगे लाने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन लगातार होना चाहिए। इस मौके पर अध्यक्ष दीप सिसाय, सुरेंद्र कालीरमन, रॉबिन खलीफा, प्रदीप जग्गल, धर्मपाल जैन, बिजेंद्र राणा और कुलबीर सिसाय मौजूद थे।
यह बोले आयोजक और जिला खेल अधिकारी
ईरान वाला पहलवान एक साल से चंडीगढ़ में ही रह रहा है। कोरोना की वजह से कार्यक्रम के दौरान दर्शकों की संख्या भी काफी कम रही। - सुरेंद्र कालीरावण, आयोजक
यह खेल विभाग का कार्यक्रम नहीं था और न ही मुझसे प्रतियोगिता को लेकर कोई अनुमति मांगी गई है।
- कृष्ण कुमार बैनीवाल, जिला खेल अधिकारी