मिलगेट एरिया में रहने वाले आशीष ने बताया कि वह सेवक सभा अस्पताल में काम करता है। 36 साल की पत्नी संगीता दो साल से स्कूल में पढ़ा रही थी। सात साल की बेटी है। शनिवार शाम को पत्नी स्कूल टूर पर घूमने के लिए नैनीताल गई थी। बेटी को भी साथ ले जाना चाहती थी लेकिन उसे मना कर दिया और बेटी को नानी के पास भेज दिया। रविवार दोपहर 3 बजे पत्नी से फोन पर बात हुई थी। उसने कहा कि था कि अभी जू में घूम रहे हैं, यहां घूमने के बाद वापस चलेंगे।
शाम सात बजे पत्नी का व्हाट्सएप पर मैसेज आया। उसमें लिखा था बस में बैठ गए हैं और रिटर्न टू होम। ये भी लिखा था कि जब हिसार पहुंच जाऊंगी को फोन कर दूंगी, आकर मुझे ले जाना। इसके बाद 8 बजे जब फोन किया तो फोन बंद आया। रात भर फोन मिलता रहा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। साथ में गई उसकी सहेलियों के फोन भी बंद आ रहे थे। आशीष का कहना है कि स्कूल वाले जब लेकर गए हैं तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेवारी भी उनकी बनती है। सुबह साढ़े छह बजे पता चला कि पत्नी की मौत हो गई है।
हादसे में अमरजीत ने बेटे को खो दिया
मात्रश्याम के रहने वाले रमन गांव में सीएससी चलाता है। उसकी पत्नी अमरजीत अपने बेटे मनमीत के साथ घूमने पर गई थी। हादसे में मनमीत की मौत हो गई। अमरजीत स्कूल में पिछले डेढ़ साल से पढ़ा रही है। रविवार को दोनों की बात परिजनों से हुई थी। नैनीताल से चलने से पहले भी उसकी रमन से बात हुई थी। इसके बाद से लगातार फोन बंद आ रहा था। हादसे में उसके 7 साल के बेटे मनमीत की मौत हो गई थी। परिजनों ने बताया कि पिछले माह भी रमन अपनी पत्नी के साथ कुल्लू-मनाली घूमने के लिए गया था।