हिसार पुलिस ने सचिन मर्डर केस में आजाद नगर के नशेड़ी ड्राइवर 23 वर्षीय पवन कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कहा है कि उसने कार छीनने के लिए गोलियां चलाई थी। हत्या करना उसका मकसद नहीं था। पुलिस को यह बात हजम नहीं हो रही है। क्योंकि वह कई बार बयान बदल चुका है।
एसपी अश्विन शैणवी ने केस की जांच सीआईए वन को सौंपी थी। सीआईए ने आरोपी पवन को वीरवार देर रात दिल्ली बाईपास पर एयरपोर्ट चौक से गिरफ्तार किया है। सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, एसआई प्रशांत कुमार तथा जितेंद्र, अजय, विजय व वीरेंद्र की पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार कर लिया।
20 हजार में कार का सौदा तय हुआ
आरोपी पवन ने बताया कि वह पेशे से दिहाड़ीदार ड्राइवर है। स्मैक के नशे का आदी है। वह अब बेेरोजगार है। उसका संपर्क आजाद नगर के एक युवक से हो गया। वह तीन चार साथियों के साथ गिरोह चलाता है। उस युवक ने उससे कहा था कि यदि वह उनको नई कार चुराकर या छीनकर दे देगा तो वे उसे 20 हजार रुपये दे देंगे। उसने बताया कि वह लालच में पड़ गया और कार छीनने की ठान ली।
स्टेयरिंग न छोड़ने पर मारी गोलियां
पवन ने पूछताछ में बताया कि वारदात से एक दिन पहले उसने अपने एक साथी से मिलकर साउथ बाईपास से सातरोड के निकट से एक बाइक छीनी थी। वे उस रात बालसमंद माइनर के पास ही सोए थे। उसने बताया कि गिरोह ने ही उसे पिस्तौल दी थी। वारदात वाले दिन वह और उसका एक साथी टाउन पार्क में पहुंचे थे। साथी उसे यह कहकर दूर खड़ा हो गया था कि जरूरत पड़ने पर वह विरोधी पर गोली चला देगा। उसने बताया कि उस रात पांच-छह कार टाउन पार्क के बाहर खड़ी थी। रात के दस बजने को आए तो और कारें जा चुकी थी। उसने देखा कि एक दंपति कार में बैठ गया है। तब उसने कंडक्टर वाली साइड से आकर अगली सीट का ऊपर से शीशा पकड़ लिया था। पिस्तौल तानकर चालक से स्टेयरिंग छोड़ने को कहा। इस पर महिला उतरकर मदद के लिए शोर मचाने लगी। वह गोलियां चलाकर चालक की हत्या कर कार छीनकर फरार हो गया था। देखने पर उसका साथी फरार मिला था।
फिर सौंपी गैंग को कार
पवन ने पूछताछ में बताया कि उसने वारदात के बाद कार सिसाय के दो युवकों के हवाले कर दी थी। अगली सुबह मीडिया में हत्या कर कार छीनने की न्यूज छपी तो गैंग के सदस्यों के हाथ-पैर फूल गए थे। वे कार गांव बास में लावारिस हालत में छोड़ आए थे। जिसे पुलिस ने बरामद किया था।
हार्ड डिस्क में तो नहीं छुपा राज
जानकारी के अनुसार सेक्टर 9-11 के सचिन कुमार की दुकान में वारदात से कुछ दिन पहले चोरी हो गई थी। उसमें एक लैपटॉप की हार्ड डिस्क भी थी। कहीं उस हार्ड डिस्क में हत्या का राज तो नहीं छिपा है। यह पुलिस के लिए जांच का विषय हो सकता है। आरोपी ने पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान दो-तीन बार बयान बदले हैं। इसलिए पुलिस को महज कार छीनने के लिए हत्या करने की बात हजम नहीं हो रही है। पुलिस का मानना है कि उसके अन्य साथी गिरफ्त में आने पर वारदात की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।
कपड़े रोहतक तो पिस्तौल गंगानगर में छिपाए
सिविल लाइन प्रभारी इंस्पेक्टर गौरव शर्मा की टीम ने शुक्रवार को आरोपी पवन को न्यायिक दंडाधिकारी आशीष शर्मा की अदालत में पेश किया और उसका 10 दिन का रिमांड मांगा। पुलिस ने दलील देकर कहा कि हत्या के बाद उसके कपड़े खून से सन गए थे। वे कपड़े उसने रोहतक में छिपा रखे हैं। इसके अलावा वारदात में प्रयुक्त पिस्तौल उसने गंगानगर में छिपा रखी है। ये चीजें बरामद करनी हैं। उसके साथियों बारे पूछताछ करनी है और घटनास्थल की निशानदेही करानी है। अदालत ने पुलिस की दलील सुनने के बाद उसका आठ दिन का रिमांड मंजूर कर लिया।
आरोपी पर पहले झगड़े का केस दर्ज
पुलिस के अनुसार आरोपी पवन हार्ड कोर क्रिमिनल नहीं है। उस पर पहले झगड़े का एक केस दर्ज है। यह केस उसके खिलाफ सदर थाना पुलिस ने दर्ज किया था। मूल रूप से रोहतक के गांव बलंभा का रहने वाला है।
मोबाइल लोकेशन से मिला क्लू
मृतक की पत्नी गीतिका के बताए हुलिया के आधार पर आरोपी का स्केच जारी किया था। आरोपी का सुराग देने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। पुलिस वारदात के समय के दौरान की टाउन पार्क एरिया के मोबाइल फोनों की लोकेशन टटोली और जांच बढ़ाकर अंजाम तक पहुंची।
यह है मामला
सेक्टर 9-11 निवासी सचिन कुमार पत्नी गीतिका के साथ 11 सितंबर की रात कार में टाउन पार्क में पहुंचे थे। दंपति रात 10 बजे सैर कर घर जाने के लिए बाहर निकला था और वे कार में बैठे थे। तभी एक युवक ने गोलियां मारकर सचिन की हत्या कर दी थी। कार छीनकर फरार हो गया था। सिविल लाइन पुलिस ने इस बारे में हत्या का केस दर्ज किया था।