कस्बे के एक निजी अस्पताल में बुधवार शाम को आईजी और सीएमओ हिसार की टीम ने संयुक्त रूप से एक निजी अस्पताल पर छापा मारकर गर्भपात करते हुए अस्पताल के संचालक और उसकी डॉक्टर पत्नी सहित अन्य कर्मचारियों को दबोच लिया। टीम ने अस्पताल से भारी मात्रा में गर्भपात करने वाले औजार और दवाइयां भी बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपी दंपति पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा नारनौंद सहित क्षेत्र से काफी दिनों से शिकायत मिल रही थी कि कस्बा नारनौंद में निजी अस्पताल संचालक गर्भवती महिलाओं से रुपये लेकर गर्भपात कर रहे हैं। इस पर आईजी टीम हिसार ने रणधीर सिंह के नेतृत्व में और सीएमओ हिसार डॉ. संजय दहिया, ड्रग कंट्रोलर कृष्ण कुमार की टीम ने एक महिला कर्मचारी को ग्राहक बनाकर कस्बा नारनौंद के जींद रोड स्थित बालाजी अस्पताल में भेजा।
डॉक्टर ने महिला से 20 हजार रुपये में उसका गर्भपात करवाने में डील की। जैसे ही अस्पताल के डॉक्टर सुभाष सिहाग और उसकी पत्नी डाक्टर मोनिका सिहाग ने महिला का गर्भपात करवाने के लिए इंजेक्शन दिया तो टीम ने अस्पताल में छापा मार दिया। मौके से टीम ने दंपति डॉक्टर सहित अस्पताल के अन्य स्टाफ को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और अस्पताल में सर्च अभियान चलाया।
जहां पर भारी मात्रा में गर्भपात करवाने में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार और दवाइयां बरामद हुईं। देर रात तक पुलिस अस्पताल में तलाशी अभियान चलाए हुए थी और वहां से भारी मात्रा में आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुईं। जांच में सामने आया कि डॉक्टर सुभाष सिहाग के पास बीएएमएस की डिग्री है, जबकि उनकी पत्नी डॉक्टर मोनिका सिहाग के पास भी यही डिग्री है।
डॉ. दंपति को गर्भपात करते पकड़ा
शिकायत के आधार पर प्रशासन की तरफ से महिला कर्मचारी को गर्भपात के लिए भेजा गया था, जोकि दुरुस्त पाया गया और मौके से डॉक्टर सुभाष सिहाग और मोनिका सिहाग को गर्भपात करवाते हुए पाया गया। डॉक्टर दंपति को मौके से रंगे हाथों पकड़ा गया है। वहीं मौके से काफी मात्रा में आपत्तिजनक दवाइयां और औजार बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपी दंपति पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
रणधीर सिंह, इंचार्ज आईजी टीम