नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले साइबर अपराध के गिरोह का हिसार (हरियाणा) पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर थाना पुलिस ने गिरोह से जुड़े तीन गुर्गों को झारखंड से गिरफ्तार किया है। पुलिस तीनों आरोपियों को राहदारी रिमांड पर हिसार लेकर आ रही है। आरोपियों में धीरज उर्फ पिंटू, संटू व संदीप शामिल हैं। आरोपी पिंटू और संटू सगे भाई हैं। गिरोह के सरगना राजू और रणजीत हैं। आरोपी राजू बिहार में सरकारी अध्यापक है। पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही गिरोह के बाकी गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आईजी प्रवक्ता सज्जन कुमार ने बताया कि साइबर थाना में गत तीन नवंबर 2021 को बास गांव के रहने वाले मनीष ने शिकायत दी थी। मनीष का कहना था कि उनके पिता गांव में ज्वेलरी शॉप चलाते थे। 14 मई 2021 को कोरोना से उनकी मौत हो गई थी। माता अक्सर बीमार रही है। पूरे परिवार की जिम्मेदारी उस पर थी। 21 मई 2021 को अखबार में रिलायंस जीओ जॉब का विज्ञापन देखा और दिए गए नंबर पर कॉल की तो उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन के लिए 2150 रुपये देने होंगे।
उसके बाद ठगों ने नौकरी का झांसा देकर मेरे खाते में पड़े 16 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। वहीं, हिसार की सांकेत कॉलोनी की रहने वाली सुमन ने भी विज्ञापन देखकर साइबर अपराधियों से फोन पर बात की। नौकरी का झांसा देकर अपराधियों ने उस से 50850 रुपये की धोखाधड़ी की। साइबर अपराधियों ने सुमन के पास झूठा ज्वाइनिंग लेटर और आई कार्ड भी भेजा था।
दोनों अपराधों के सरगना एक ही साइबर अपराध सामने आने के बाद आईजी राकेश कुमार आर्य और पर्यवेक्षक अधिकारी ऊषा ने एक टीम का गठन किया। टीम ने साइबर सैल की मदद से 26 दिसंबर 2021 को कोलकता से एक आरोपी रोशन को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि रोशन ही अमित बनकर लोगों से बात करता था।
साइबर सेल इंचार्ज नवीन कुमार की मदद से आरोपी से पूछताछ के बाद उक्त मामले में तीन आरोपियों धीरज उर्फ पिंटू, संटू और संदीप को हजारीबाग (झारखंड) से गिरफ्तार किया है। टीम प्रभारी एएसआई नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में तीनों आरोपियों को राहदारी रिमांड पर लेकर झारखंड से हिसार लाया जा रहा है।