हिसार सेंट्रल जेल-2 में लूट व छीनाझपटी मामले में आए बंदी ने जेल में जाने के एक दिन बाद ही आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही आजाद नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में भिजवाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
बंदी 26 वर्षीय चरणजीत सिंह के भाई फतेहाबाद के रतिया के गांव खुनण निवासी विक्रमजीत के अनुसार पुलिस ने उन्हें सूचना दी कि चरणजीत ने रविवार शाम जेल में बने शौचालय में पानी के पाइप पर अपनी कमीज से फंदा बनाकर आत्महत्या की है। विक्रमजीत ने बताया कि चरणजीत सिंह का गांव के ही एक हलवाई से कुछ समय पूर्व झगड़ा हो गया था। इसके बाद उसे सेंट्रल जेल-2 में भेजा गया था। सेंट्रल जेल-2 के अधीक्षक ने बताया कि चरणजीत को रतिया के सदर थाने में धारा 392, 393 और 379 बी के तहत दर्ज मामले में नौ जनवरी को ही जेल लाया गया था।
नहीं जाने दिया घटनास्थल तक
मृतक के भाई विक्रमजीत ने कहा कि उन्हें घटना की सूचना पुलिस ने रविवार रात को दी। जब वे सेंट्रल जेल में पहुंचे तो उन्हें जेल प्रशासन की ओर से घटनास्थल तक नहीं जाने दिया गया। सोमवार सुबह जब मृतक चरणजीत सिंह के शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जाना था तो परिजनों ने मजिस्ट्रेट के समक्ष पोस्टमार्टम करवाने की मांग की, जिस पर चिकित्सकों ने पुलिस से संपर्क किया और पुलिस ने मजिस्ट्रेट से संपर्क किया। इसके बाद मजिस्ट्रेट गगनदीप गोयल मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। मामले में चिकित्सकों ने जानकारी दी कि मृतक चरणजीत सिंह के गले पर हल्के निशान मिले हैं।
चरणजीत यहां नौ जनवरी को ही जेल आया था और अन्य कैदियों के साथ क्वारंटीन था। रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे वह शौचालय गया था और वहां उसने फंदा लगा लिया। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में भेजा गया था, जहां से उसे अग्रोहा रेफर किया गया। उसने आत्महत्या क्यों की, इस बारे में अभी कुछ जानकारी नहीं है। - दयानंद, अधीक्षक, सेंट्रल जेल-2, हिसार।