राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में बुधवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीम ने हरियाणा के हिसार जिले में चार जगहों पर छापा डाला। टीम ने सातरोड, अग्रोहा, बरवाला और दाहिमा में कई घरों में सर्च अभियान चलाया।
कार्रवाई के बाद एजेंसी दाहिमा निवासी किसान अर्जुन का मोबाइल फोन अपने साथ लेते गई जबकि अग्रोहा में रहने वाला शराब कारोबारी छापे की भनक लगते ही मौके से फरार हो गया। टीम सातरोड गांव में करीब तीन घंटे रही और पहले पकड़े गए आरोपी ऊधम सिंह के पिता से पूछताछ भी की। बता दें कि मंगलवार रात को ही टीम के सदस्य शहर पहुंच गए थे।
जानकारी के अनुसार गोगामेड़ी हत्याकांड में शामिल आरोपियों की तलाशी के लिए एनआईए की तीन टीमें मंगलवार रात को ही शहर पहुंच गई थी। बुधवार सुबह आठ बजे के करीब एक टीम सातरोड कलां पहुंची। दो टीमें बरवाला और दाहिमा गांव पहुंचीं। तीनों टीमों ने अपने अपने एरिया में कई घरों में छापेमारी की। सातरोड गांव में टीम ने आरोपियों को हथियार और शरण देने के मामले में पकड़े जा चुके ऊधम सिंह के पिता से करीब दो घंटे तक पूछताछ की और 11 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गई।
गोगामेड़ी हत्याकांड के आरोपियों को हथियार और शरण देने के आरोपी छोटी सातरोड निवासी ऊधम सिंह को दिल्ली क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस की टीम ने दिसंबर में गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी चंडीगढ़ से दिखाई गई थी। पुलिस को शहर के रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पर सुराग लगा था। इसके बाद टीम ने कड़ियों को जोड़ते हुए पकड़ने में सफलता हासिल की थी।
अग्रोहा में शराब ठेकेदार के घर डाला छापा
राजस्थान में करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड के मामले को लेकर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की चार सदस्यीय टीम ने अग्रोहा मार्ग पर कांटे के पास शराब ठेकेदार दिनेश के घर पर बुधवार सुबह छापा डाला। इसकी सूचना मिलने पर शराब ठेकेदार दिनेश मौका पाकर अपने घर से फरार हो गया। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की टीम शराब ठेकेदार दिनेश के घर पर पहुंची तो उस समय टीम को शराब ठेकेदार दिनेश घर पर नहीं मिला। इस दौरान टीम ने शराब ठेकेदार दिनेश के घर की तलाशी ली, लेकिन टीम को घर से कुछ नहीं मिला। शराब ठेकेदार दिनेश गांव सातरोड का रहने वाला है।
दाहिमा से मोबाइल फोन ले गए
एनआईए की टीम बुधवार सुबह दाहिमा गांव पहुंची। वहां टीम ने खेतीबाड़ी का काम करने वाले अर्जुन के घर छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने काफी देर तक पूछताछ की और टीम अर्जुन का मोबाइल फोन आने साथ ले गई।