डीएसपी ने सीआईए वन प्रकरण की खुफिया प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। प्रारंभिक जांच में सीआईए वन में तैनात रहे चार पुलिस कर्मियों को दोषी पाया गया है। डीएसपी ने चारों के खिलाफ निलंबन और विभागीय जांच की अनुशंसा करते हुए बंद लिफाफे में रिपोर्ट एसपी को भेज दी है। पुलिस विभाग ने फौरी तौर पर चारों का तबादला भोंडसी करते हुए अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।
डीएसपी ने मंगलवार को मंदीप तथा सीआईए वन में तैनात रहे तीन हेडकांस्टेबल और एक कांस्टेबल के बयान दर्ज किए। डीएसपी के सामने चारों पुलिस कर्मियों ने बयान दर्ज कराए। चारों ने राजथल के दिलबाग बागी से रुपये लेने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि हमने किसी से रुपये नहीं लिये हैं। डीएसपी ने सोमवार को राजथल के दिलबाग उर्फ बागी, उसकी पत्नी ब्रह्मा देवी और दो गवाहों के बयान दर्ज किए थे और मंगलवार को पुलिस कर्मियों को बुलाया था। डीएसपी जयपाल सिंह द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में चार पुलिस कर्मी दोषी पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में चारों पुलिस कर्मियों के निलंबन और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट में यह जिक्र भी किया है कि महम थाना पुलिस ने कैसे गंभीर प्रकरण में समझौता करा दिया। डीएसपी ने जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में एसपी राजेंद्र कुमार मीणा को भेज दी है।
टोल प्लाजा से खिसककर पहुंच गए थे बलंभा
जानकारी के अनुसार जाट आरक्षण आंदोलन को देखते हुए भारी पुलिस बल रामायण टोल प्लाजा पर तैनात है। सीआईए वन कर्मियों की तैनाती घटना वाले दिन वहीं थी। उस दिन साजिश के तहत मंदीप ने फोन कर चारों कर्मियों को बताया था कि बागी के पास नकदी भरा बैग है। चारों पुलिस कर्मी टोल प्लाजा से खिसककर कार में बलंभा पहुंच गए थे। वे बागी को बैग सहित उठा लाए थे और फिर बैग खाली कर पैसे छीनकर उसे मिर्जापुर के पास छोड़ दिया था।
सीआईए वन में तैनात रहे चार पुलिस कर्मियों का तबादला
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरी तौर पर सीआईए वन में तैनात रहे चार पुलिस कर्मियों का तबादला कर दिया है। इनमें लाइन हाजिर किए गए हेडकांस्टेबल शमशेर सिंह, विजय सिंह व वीरेंद्र सिंह तथा कांस्टेबल अजय कुमार का तबादला भोंडसी कर दिया है।
सीआईए वन में तैनात रहे चार पुलिस कर्मियों का तुरंत प्रभाव से तबादला करने के आदेश दिए हैं। उनका तबादला भोंडसी किया गया है। चारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। जांच में जो सामने आएगा, उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
- राजेंद्र कुमार मीणा, एसपी, हिसार
यह है मामला
राजथल गांव का दिलबाग उर्फ बागी 27 फरवरी को परिवार की महिलाओं के साथ किराये की कार लेकर गुरुग्राम जा रहा था। कार चालक नारनौंद का मंदीप सीआईए वन कर्मियों के संपर्क में था। बागी का आरोप है कि मंदीप ने फोन पर सीआईए कर्मियों को उसके पास नकदी होने की सूचना दे दी। चार कर्मियों ने शाम को बलंभा के पास पहुंचकर उसको नकदी सहित उठा लिया और नकदी छीनकर उसे मिर्जापुर के पास छोड़ दिया था। बागी ने इसकी शिकायत महम थाना में दी थी। वहां भांडा फूटने पर समझौता करा दिया गया था।