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रेप केस से बचाने के लिए रिश्वत मांगने की आरोपी एसआई संतोष ने सरेंडर किया

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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। रिश्वत केस में फंसी महिला एसआई संतोष देवी ने सोमवार को अदालत में सरेंडर कर दिया। इसके बाद एसआई संतोष देवी को थाने ले जाया गया। महिला अधिकारी को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। संतोष का रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद उन पर केस दर्ज किया गया था। बाद में उन्हें सस्पेंड किया गया था।
सदर थाने की एसआई संतोष देवी की 1200 रुपये लेने का वीडियो 20 मई को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें महिला अधिकारी सदर थाने के अंदर एक कमरे में बैठकर बातचीत कर रही थी। महिला ने आर्यनगर निवासी विनोद कुमार से दुष्कर्म के मामले में बचाने के बदले रुपये मांगे थे। वीडियो में महिला अधिकारी कहती दिखी कि यह सब पैसा तो महिलाओं के कपड़े वगैरह खरीदने में खर्च हो जाता है। महिला अधिकारी पूरा पैसा न लाने की बात भी कहती दिखाई दी थी। यह समाचार अखबारों में आने के बाद आर्य नगर निवासी विनोद कुमार ने सदर थाने में शिकायत दी। इसमें उसने कहा कि एक परिचित ने उसकी दुकान की चाबी ली थी। वह पीछे से दुकान में एक युवती ले आया था। युवती ने बाद में परिचित के खिलाफ सदर थाने में दुष्कर्म की शिकायत दे दी थी। एसआई संतोष ने दुष्कर्म के केस में फंसाने की बात कहकर रिश्वत मांगी। एक बार उसे चार हजार रुपये लिए। इसके बाद तीन हजार रुपये मांगे। विनोद ने 1200 रुपये देते हुए की वीडियो बना लिया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पुलिस कर्मी के खिलाफ 25 मई को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर सस्पेंड कर दिया था।
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खारिज हो गई अग्रिम जमानत याचिका
जून में एसआई संतोष की सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई थी। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी खारिज कर दिया। इसके बाद महिला अधिकारी ने सोमवार को अदालत में सरेंडर किया।
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महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी से मिले थे विनोद और सुंदर सिंह बेरवाल
एसआई संतोष की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिछले सप्ताह विनोद और सुंदर सिंह बेरवाल महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी से मिले थे। सुंदर सिंह बेरवाल ने कहा कि एसआई संतोष ने उन्हें रेप के झूठे में फंसाया। केस से बचाने के लिए ढाई लाख रुपये मांगे थे। बाद में मुझे गिरफ्तार करा दिया। मई को केस दर्ज होने के बाद भी अब तक संतोष को गिरफ्तार नहीं किया गया।
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