अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। आदमपुर खंड के नजदीकी गांव में मंदिर में पूजा लगाने आई दस वर्षीय छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने वाले 65 साल के पुजारी लाजपत स्वामी को कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. पंकज की कोर्ट ने दोषी को पांच हजार रुपये का जुर्माना व जुर्माना नहीं भरने पर दो महीने के अतिरिक्त सजा का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सिर्फ सात महीने में केस की सुनवाई के बाद यह फैसला दिया है।
पांच फरवरी 2018 को आदमपुर खंड के नजदीकी गांव में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा शाम को छह बजे गांव के ठाकुर जी के मंदिर में धोक लगाने के लिए गई थी। उस समय मंदिर में सिर्फ पुजारी लाजपत स्वामी मौजूद था। जब छात्रा धोक लगाने के बाद प्रसाद लेने के लिए पुजारी के पास गई तो उसने मौका पाकर उसका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद पुजारी ने छात्रा को जबरदस्ती अपने कमरे में खींचने की लगा। पुजारी की इस हरकत से छात्रा डर गई। उसने बचाव के लिए शोर मचा दिया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर दो लड़के वहां पहुंचे। छात्रा को पुजारी के चंगुल से छुड़वाया। लड़कों के वहां पहुंचने पर पुजारी माफी मांगने लगा। इसके बाद पुजारी लाजपत स्वामी वहां से फरार हो गया। आदमपुर थाने में बच्ची के पिता के बयान पर पुजारी के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। केस में बच्ची के बयान व दो गवाहों के आधार पर पुजारी को दोषी पाया। फैसले के बाद दोषी पुजारी को जेल भेज दिया गया।