अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
रिश्वत केस में फंसी महिला थाने की तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर सरोज बाला को हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने शर्त के साथ सरोज बाला की जमानत याचिका मंजूर की है। अदालत ने सरोज बाला को आदेश दिए कि दो सप्ताह में पुलिस जांच में शामिल हों।
एक महीने में विजिलेंस पुलिस इंस्पेक्टर सरोज बाला को गिरफ्तार करने में नाकाम रही। 28 अप्रैल को सरोज बाला के चालक को 70 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में सरोज बाला को उसी दिन लाइन हाजिर कर दिया था। इंस्पेक्टर सरोज बाला की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस ने पिछले एक महीने में पुलिस लाइन, जींद, पंचकूला सहित कई अन्य एरिया में छापेमारी की थी। इसमें सरोज को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। इंस्पेक्टर सरोज ने जिला सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद इंस्पेक्टर सरोज बाला ने की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सोमवार जमानत दे दी। जमानत आदेश में कहा गया है कि दो सप्ताह के अंदर पुलिस जांच में शामिल हो।
यह था मामला
डाबड़ा चौक स्थित एक होटल के मैनेजर राजेश कुमार ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि एक अनजान युवती ने उसे 26 अप्रैल को फोन कर पारिजात चौक के पास के एक होटल में बुलाया। युवती ने उसे नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिसके बाद बेहोश हो गया। युवती ने उस पर गलत काम करने का आरोप लगाए। कुछ देर बाद इंस्पेक्टर सरोज बाला ने रेप की शिकायत आने की बात कहकर थाने बुलाया। मामला रफा-दफा करने के लिए तीन लाख रुपये मांगे। विजिलेंस ने महिला थाने के आगे एसएचओ के ड्राइवर सुरेंद्र को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। इस मामले में विजिलेंस ने बिचौलिए योगेश को भी गिरफ्तार किया था।
हनी ट्रैप की मास्टरमाइंड जेल में
विजिलेंस ने इस मामले में लोगों को हनी ट्रैप में फंसाने की आरोपी सिरसा की युवती को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। युवती ने खुद को मोहरा बताते हुए कहा था कि इस मामले में इंस्पेक्टर सरोज और महेंद्र मास्टरमाइंड है। पुलिस अब तक महेंद्र को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है।