एडीजे परमवीर निज्जर की अदालत ने मंगलवार को चरस तस्करी के जुर्म में बड़वाली ढाणी के अनिल सैनी को 10 साल की कैद और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर उसे एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने उसे बुधवार को दोषी करार दिया था।
हांसी सदर थाना पुलिस ने इस बारे में 28 सितंबर 2013 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार हांसी सीआईए इंचार्ज प्रहलाद सिंह को घटना वाले दिन सूचना मिली थी कि हिसार-हांसी मार्ग पर रायपुर माइनर के पास कोई तस्कर चरस लेकर ऑटो रिक्शा में आने वाला है। पुलिस की टीम कुछ देर बाद बताए गए स्थान पर पहुंच गई। बड़वाली ढाणी निवासी अनिल सैनी वहां ऑटो रिक्शा लेकर आया था। उसके एक कंधे पर थैला रखा था। पुलिस कर्मियों ने उसे रुकवा लिया था। फिर पुलिस कर्मियों ने फोन कर एएसपी मनोज कुमार को मौके पर बुला लिया था। पुलिस कर्मियों ने थैले की तलाशी लेकर पांच किलो चरस बरामद की थी। उसके बाद पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया था। पुलिस ऑटो रिक्शा और चरस को साथ ले गई थी। हांसी सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में चालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद आरोपी को चरस तस्करी का दोषी मानकर सजा सुनाई।