फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिसार में प्रदेश के पहले गो अभयारण्य का शिलान्यास

Sat, 10 Sep 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
विज्ञापन
गौ अभयारण्य - फोटो : bureau
विज्ञापन
प्रदेश में गोहत्या संबंधी कानून बनाने के बाद गो संरक्षण की दिशा में एक और बड़ी पहल करते हुए सरकार ने शुक्रवार को हिसार के गांव बीड ढंढूर में प्रदेश के पहले गो अभयारण्य का शिलान्यास कर दिया।
विज्ञापन


अभयारण्य की आधारशिला रखते हुए कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा है कि सभी उपायुक्तों को लावारिस पशुओं की व्यवस्था के लिए 50-50 लाख रुपये दिए गए हैं। हरियाणा सरकार गो संरक्षण एवं गो संवर्धन के तहत प्रदेश की गोशालाओं को जमीन देने, शेड बनाने, बोरवेल लगाने, ट्रैक्टर खरीदने आदि मेें मदद करेगी। धनखड़ ने बीड ढंढूर में पशुधन फार्म की 50 एकड़ जमीन पर बनने वाले पहले गो अभयारण्य की नींव रखी। अभयारण्य के लिए 50 एकड़ जमीन राजकीय पशुधन फार्म से नगर निगम को लीज पर मिली है।

गोवंश संरक्षण की दिशा में प्रयास
प्रदेश में गो हत्या रोकने के लिए कानून बनाया गया है। गोवंश की टैगिंग करवाई जाएगी ताकि श्रेणियों में विभाजित कर सकें। अभयायरणों को चलाने के लिए ट्रस्ट एवं एनजीओ के साथ हाथ मिलाया जाएगा। गायों को सुरक्षित रखने का प्रबंध होने के बाद घायल गायों के लिए टोल फ्री नं. जारी किया जाएगा। lगाय की सुरक्षा के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन शुरू की गई है। हेल्पलाइन नंबर 8284030455 पर गाय, बछड़े या बैल की तस्करी या बूचड़खाना से जुड़ी किसी घटना के बारे में रिपोर्ट की जा सकती है।
विज्ञापन


धनखड़ ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सभी उपायुक्तों को लावारिस गायों को सड़कों से हटाने के लिए 50-50 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। इनमें से 15-15 लाख रुपये उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। मुख्य संसदीय सचिव    डॉ. कमल गुप्ता ने करीब दस करोड़ रुपये की राशि अभयारण्य के लिए मंजूर करवाई थी। इसमें से 5 करोड़ रुपये की राशि आधारभूत ढांचा पर खर्च होगी। पांच करोड़ रुपये संचालन पर खर्च किए जाएंगे। गो अभयारण्य संचालन पर हर साल पांच करोड़ खर्च आएगा।

चार और अभयारण्य बनेंगे: मंगला
गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने बताया कि प्रदेश शीघ्र ही चार और गो अभयारण्यों की स्थापना की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। गो अभयारण्य के लिए नगर के गोसेवकों व समाज सेवियों की भी एक टीम का गठन किया जाएगा। इसके अलावा प्रशासनिक कमेटी भी होगी, जिसमें निगम आयुक्त, पशु पालन विभाग के उपनिदेशक, नगर निगम के सचिव, कार्यकारी अधिकारी सहित अन्य शामिल होंगे। गो अभयारण्यों में पशुओं के लिए शेड, गोदाम, चारा भंडार, पशु अस्पताल, बायोगैस प्लांट, केंचुआ खाद सहित बीमार पशुओं का अलग शेड, बोरवेल लगाए जाएंगे।
विज्ञापन


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें