हरियाणा के पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की धमाकेदार शुरुआत वीरवार को नेशनल अवॉर्ड विजेता पहली हरियाणवी फिल्म लाडो से हुई। जीजेयू के रणवीर सिंह ऑडिटोरियम में हुए इस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत मुख्यातिथि के तौर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित करके की।
विशिष्ट अतिथि के तौर पर फिल्म लाडो के निर्देशक, नेशनल अवॉर्ड विजेता, इंडियन फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के सचिव अश्वनी चौधरी, लुवास के वीसी मेजर जनरल श्रीकांत शर्मा, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर सुभाष कुंद्रा, बॉलीवुड कलाकार यशपाल शर्मा, नेशनल अवॉर्ड विजेता फिल्म पगड़ी के निर्देशक राजीव भाटिया, हरियाणवी फिल्मों की अभिनेत्री सुमित्रा पडनेकर, राजू मान, रवि चौहान, जनार्दन शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। मुख्यातिथि जीजेयू के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि हरियाणा के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के आयोजन के लिए जीजेयू को चुुनना सराहनीय है। आईजी ओपी सिंह ने 90 के दशक में गुड़गांव के झाड़सा गांव में हुई हिंदी फिल्म ‘दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ शूटिंग का अनुभव साझा किया।
यशपाल शर्मा दर्शकों से रू-ब-रू
बॉलीवुड कलाकार यशपाल शर्मा ने मौजूदा दर्शकों से रुबरू होते हुए कहा कि ये आयोजन तो बस एक शुरुआत है। प्रदेश के लोगों का साथ यूं ही मिलता रहा तो ये आयोजन हर साल इससे भी बड़े स्तर पर किया जाएगा। आयोजन कमेटी के अध्यक्ष धर्मेंद्र डांगी, सचिव कमलजीत शर्मा, मनीष जोशी और दिनेश गोयल ने बताया कि फेस्टिवल में चार दिनों तक कुल 45 फिल्मों का प्रदर्शन होगा, जिनमें 8 भाषाओं में लघु फिल्में, फीचर फिल्म, डॉक्यूमेंटरी, एनिमेशन और हरियाणवी एलबम शामिल हैं। पहले दिन लाडो के अलावा शॉर्ट फिल्म अमृता एंड आई, मराठी फिल्म बालूता, तेलगू फिल्म निशादी का प्रदर्शन किया गया।
आपको सिनेमा की चिंता नहीं
हरियाणवी फिल्म लाडो के निर्देशक अश्वनी चौधरी फिल्म फेस्टिवल के औपचारिक रूप से शुरू होने से पहले चले गए अतिथियों पर जमकर बरसे। बीच में ही उठकर चले गए, अतिथियों पर तंज कसते हुए कहा कि जो शख्स हरियाणवी सिनेमा को दो घंटे भी नहीं दे सकते तो हरियाणवी सिनेमा को ऊंचाइयों पर ले जाने की बात करते हैं। उन्होंने शाहरुख की स्टोरी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कई प्रदेशों की अपनी फिल्म पॉलिसी है, लेकिन हरियाणा अब तक फिल्म पॉलिसी के लिए तरस रहा है।