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निगम हाउस की बैठक, मांडू बोले- मैं शपथ पत्र देता हूं नहीं चलेगी अमरूत की सीवर लाइन, कामयाब है तो अफसर भरे हामी

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नगर निगम की हाउस मीटिंग में अमर उजाला की प्रति दिखाते पार्षद मनोहरलाल। संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। नगर निगम कार्यालय में वीरवार को हाउस की दूसरे चरण की बैठक करीब छह घंटे चली। अध्यक्षता मेयर गौतम सरदाना ने की। इस दौरान नगर निगम सहित बीएंडआर, बिजली निगम, मार्केट कमेटी से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गई। वहीं, डेंगू बेकाबू होने के लिए निगम को जिम्मेदार ठहराने पर पार्षदों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
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बैठक में अमरूत योजना का मामला जोरशोर से गूंजा। मनोनीत पार्षद राजपाल मांडू ने कहा कि अमरूत योजना हमारे लिए नरक योजना बन गई है। सीवर लाइन अभी से बैक मारने लगी है। मैं शपथ देता हूं कि यह सीवर लाइन नहीं चलेगी। अगर अधिकारी स्वीकार करते हैं कि यह लाइन कामयाब रहेगी तो हामी भरते हुए वह शपथ पत्र दें। मांडू ने कहा कि इस योजना में बड़ा घोटाला हुआ है। वह इस मामले को अदालत में लेकर जाएंगे और घोटाले में शामिल लोगों के नाम भी उजागर करेंगे।
बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि शहर की अनाधिकृत कॉलोनियों के नाम सरकार को भेजे जाएंगे। बैठक में मिलगेट से जहाजपुल के बीच की सड़क का रिकॉर्ड तलब किया गया। बता दें कि इससे पहले हाउस की बैठक 12 नवंबर को आयोजित की गई थी। इस दौरान सभी विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा नहीं की जा सकी थी। विभागों से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करने के लिए वीरवार को बैठक की गई।
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हाम्मै सुथरै बस रे थे, अमरूत योजना न तो म्हारी बिराण माटी कर दी
पार्षद मांडू ने कहा कि वार्ड में पानी की लाइनों के कनेक्शन किए बिना ही गलियां बनाई जा रही हैं। अगर लाइन नहीं चली तो गलियों को तोड़ा जाएगा तो उन्हें कौन ठीक करेगा। मांडू ने कहा कि सीवर की लाइन के लिए प्लास्टिक के पाइप 15 फुट नीचे दबाए हैं और ऊपर से मिट्टी डाल दी, जिससे लाइन जगह-जगह से दब गई और ब्लॉक हो गई। इस पर एक्सईएन एचके शर्मा ने कहा कि लाइन की सिल्ट निकलवाकर इसे ठीक करवा दिया जाएगा। मांडू ने कहा कि एक्सईएन साहब आप तो दो माह में रिटायर हो जाओगे, भुगतनी तो हमें पड़ेगी। हाम्मै सुथरै बस रे थे, इस योजना न तो म्हारी बिराण माटी कर दी।
इस पर निगमायुक्त अशोक गर्ग ने कहा कि चीफ इंजीनियर, एसई व एक्सईएन की कमेटी बनाकर इसे चेक करवाया जाएगा। पार्षद ने कहा कि अमरूत के ठेकेदार ने काम करते समय पानी की लाइनों को तोड़ दिया। लोग मजबूरी में गंदा पानी पी रहे हैं। आप बताओ कि यह योजना कब पूरी होगी। वहीं, चीफ इंजीनियर रमन शर्मा ने कहा कि यह पैराशूट ठेकेदार है। हमने मुख्यालय में लिखा है कि इस पर हमारा कोई काबू नहीं है। हमारी तरफ क्लॉज तीन का नोटिस दिया जा चुका है। हम लाचार है।
डेंगू : निगम को मिली 78 लीटर दवा, स्वास्थ्य विभाग का दावा 177 लीटर का
बैठक में सभी पार्षदों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया। निंदा प्रस्ताव के माध्यम से पार्षदों ने कहा कि हाउस की बैठक में पार्षदों ने डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सवाल किए तो उनके पास इनके कोई जवाब नहीं थे। बैठक के अगले ही दिन स्वास्थ्य विभाग ने बैठक कर नगर निगम व एचएसवीपी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश की, जो हाउस की अवमानना है।
सीएमओ ने गलत तथ्य व गलत बयान देकर शहरवासियों को गुमराह किया है। हाउस की निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पेश करता है और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता है। इस दौरान पार्षद मनोहर लाल, जगमोहन मित्तल व अमित ग्रोवर ने कहा कि करोड़ों खर्च कर बनाए गए संजीवनी अस्पताल को डेंगू के लिए इस्तेमाल नहीं किया। निगम की सफाई शाखा ने बताया कि स्वाव्स्थ्य विभाग की तरफ से निगम को सिर्फ 78 लीटर दवा ही छिड़काव के लिए मिली, जिसमें 4 अक्तूबर को 15 लीटर, 8 अक्तूबर को 18 लीटर, 14 अक्तूबर को 30 लीटर व 15 नवंबर को 25 लीटर दवा शामिल है, जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उन्होंने निगम को 177 लीटर दवा उपलब्ध कराई है।
अनाधिकृत कॉलोनियों के नाम भेजे जाएंगे सरकार को
बैठक में अनाधिकृत कॉलोनियों का मामला भी उठा। इस पर निगमायुक्त ने कहा कि सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड की अनाधिकृत कॉलोनियों के नाम बताए ताकि निगम की तरफ से सर्वे करवाकर उन्हें अधिकृत कराने के लिए सरकार को भेजा जा सके। पुरानी पॉलिसी के अनुसार ही यह सर्वे करवाकर सरकार को भेजा जाए ताकि भविष्य में भी अवैध कॉलोनियों की लिस्ट में शामिल हो सके। इस पर बीआई सुमित ढांडा ने बताया कि पिछले दिनों सरकार ने कुछ कॉलोनियों के नंबर जरूर मांगे थे, लेकिन जो 1200 कॉलोनियों के नाम बताए जा रहे हैं, उनमें हिसार की किसी कॉलोनी के नाम की जानकानी है। उन्होंने बताया कि डीटीपी कार्यालय भी ड्रोन से अवैध कॉलोनियों का सर्वे करवा रहा है। सरकार ने उन्हें छह माह समय दिया है।
छह माह भी नहीं चला मिलगेट से जहाजपुल सीसी रोड
पार्षद मनोहर लाल व भूप सिंह रोहिला ने मिल गेट से जहाजपुल तक सीसी रोड बनाने की मांग की। इस पर मार्केट कमेटी के अधिकारी ने कहा कि एस्टीमेट बनाकर भेज दिया है। एस्टीमेट में बरसाती नाले का भी प्रावधान किया गया है। इस पर पार्षदों ने कहा कि यह रोड छह माह में ही टूट गया था, जबकि सीसी रोड की लाइफ विभाग 10 साल लेकर चलता है। इस पर विभाग ने ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाई की।
मेयर ने मांगी पूरी रिपोर्ट
मेयर गौतम सरदाना ने अधिकारी से लंच तक पूरी रिपोर्ट लेकर आने को कहा। लंच के बाद मार्केट कमेटी के एसडीओ ने बताया कि स्टेट विजिलेंस की ओर से मामले की जांच की गई है और ठेकेदार पर 32 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। जुर्माना राशि में से 17.50 लाख रुपये की रिकवरी हो चुकी है और साढ़े 14 लाख की रिकवरी अभी बाकी है। यह रोड 2.78 करोड़ रुपये खर्च कर तैयार की गई थी।

नगर निगम की हाउस मीटिंग में बोलते मनोनीत पार्षद राजपाल मांडू। संवाद- फोटो : Hisar

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