हिसार। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ रविवार को नलवा हलके पन्ना प्रमुख सम्मेलन में पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यहां एक पार्टी के बाप-बेटा तीन-तीन बार पहलवानों के धरने पर गए। मगर जिस दिन हंगामा हुआ, उस दिन वे वहां नहीं गए। ये कांग्रेसी तो ऐसे मायावी हैं, जिस दिन जरूरत पड़ती है, उस दिन नजर ही नहीं आते।
धनखड़ ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। न्यायालय पर विश्वास रखें। उन्होंने कहा कि ये कांग्रेसी खुद को रामभक्त कह रहे हैं। मगर राम मंदिर के खिलाफ अदालत में इनके ही 21 लोग गए थे। यही नहीं धारा 370 का बचाव भी इन्होंने किया था। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि जब उनकी पार्टी संगोल लेकर आई, जिसे कांग्रेस ने भुला दिया था तो इन्हें तकलीफ हुई। यही नहीं उन्होंने महान देशभक्त सुभाष चंद्र बोस को सम्मान नहीं दिया। कश्मीर का बड़ा इलाका चीन को दे दिया। मगर कांग्रेस कभी इस पर चर्चा नहीं करती। ओडिसा रेल हादसे पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है कि कहीं पटरियों से छेड़छाड़ तो नहीं हुई। संवाद
पहलवानों के मामले का किया जाए समाधान : बृजेंद्र सिंह
हिसार। पन्ना प्रमुख सम्मेलन में पहुंचे सांसद बृजेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कर्नाटक चुनाव को लेकर कहा कि कर्नाटक में परिस्थितियां ऐसी थीं, जिससे वहां कांग्रेस की सरकार बनी। वैसे देश में विपक्ष का होना भी जरूरी है। पहलवानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मैं पहलवानों की तरफ से कोई राजनीति नहीं मानता। जब वो जनवरी में धरने पर बैठे थे तो उन्होंने किसी राजनेता व राजनीतिक पार्टी को मंच पर आने नहीं दिया। मगर उसका कोई नतीजा नहीं निकला, जिस कारण वह हताश थे। इससे थोड़ा राजनीतिकरण हुआ है। मगर जो पहलवान धरने पर बैठे हैं, वह देश के नामचीन पहलवान हैं तो उनका सम्मान होना चाहिए और इस मामले का समाधान किया जाना चाहिए। ब्यूरो