हिसार। शहर में खेल सुविधाओं की कोई कमी नहीं है। ग्राउंड से लेकर खेल सामान और कोच की सुविधा है। मगर आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। यदि खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से गांवों में सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएं तो वह भी भविष्य में पदक लेने से नहीं चूकेंगे। यह कहना है वर्ष 2014 और 2018 में एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत चुके सातरोड़ खास निवासी वुशु खिलाड़ी नरेंद्र ग्रेवाल का।
ग्रेवाल ने कहा कि खिलाड़ी के लिए कोच होना सबसे जरूरी है। मगर आज भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाड़ी बिना कोच अपने स्तर पर प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से वहां कोच की नियुक्ति की जाए। कोच के मार्गदर्शन में ही खिलाड़ी अपना बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
नरेंद्र ग्रेवाल का कहना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ियों से काफी उम्मीद है। पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स की तरह इस बार भी खिलाड़ी पदकों की झड़ी लगाएंगे। स्वर्ण, सिल्वर और चांदी लाकर देश का नाम रोशन करेंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर खिलाड़ी काफी दिनों से तैयारी कर रहे हैं। ग्रेवाल का कहना है कि सरकार ने पहले के मुकाबले खेल सुविधाएं बढ़ाई हैं। खिलाड़ियों को अच्छी राशि दी जा रही है। हॉल ही में सरकार ने कॉमनेल्थ गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ी को ढाई लाख रुपये देने की घोषणा की है। यह सरकार का अच्छा प्रयास है। इससे अन्य खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा।